Friday , 24 May 2019
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रिश्वत लेने वाले नारकोटिक्स का सब इंस्पेक्टर रिमांड पर

शेष आरोपियों को किया जयपुर में पेश, कई बड़े खुलासे होने की संभावना

उदयपुर. अफीम काश्तकारों, मुखियाओं एवं दलालों के जरिये अवैध व भ्रष्ट तरीके से वसूली करने वाले चित्तौड़ केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के जिला अफीम अधिकारी द्वितीय के कार्यालय में तैनात उप निरीक्षक को आज अदालत में पेश किया जहां उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए. इस मामले में लिप्त अन्य आरोपियों को जयपुर के न्यायालय में पेश किया गया. जहां उन्हें रिमांड पर लिया गया. रिमांड अवधि के दौरान नारकोटिक्स के इन भ्रष्ट अधिकारियों के जरिये कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा के पुलिस निरीक्षक अजीत बागडोलिया ने बताया कि रूपनगर कॉलोनी यमुना नगर हरियाणा हाल आनंद विहार चित्तौड़ निवासी केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो चित्तौड़ के जिला अफीम अधिकारी द्वितीय कार्यालय के उप निरीक्षक भानुप्रताप सिंह बिष्ट पुत्र राम सिंह राजपूत को कल एसीबी के निरीक्षक राजेश राव ने गिरफ्तार किया. आज उसे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के विशिष्ट न्यायालय में पेश किया, जहां उसे 9 अप्रेल तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए. रिमांड अवधि के दौरान आरोपी भानुप्रताप सिंह, उप निरीक्षक अधीक्षक सुधीर यादव एवं हवलदार प्रवीण सिंह व दलाल छगन के मोबाइल नम्बरा के अन्तावरोध अवधि के दौरान रिकॉर्ड हुए वार्ताओं में उक्त ब्लॉक सेवकों द्वारा रिश्वत राशि प्राप्त करने, अवैध कार्यों के संचालन में सुगमता प्रदान करने के लिए रिश्वत राशि ली. रिश्वत राशि से प्राप्त अनुकूल धन सम्पदा को व्यवसाय में निवेश करने तथा संरक्षित रखने संबंधित तथ्य ब्यूरो के समक्ष प्रकट हुए है. गिरफ्तार आरोपी भानुप्रताप से अन्य अधिकारी दलाल, मुखबिरों के मध्य हुई वार्तालाप के संबंध में भी अनुसंधान किया जाना है तथा अन्य आरोपीगणों की संलिप्तता तथा अवैध रूप से वसूली की गई राशि के बारे में जांच की जाएगी.

अन्तावरोध के दौरान आरोपीगणों द्वारा की गई वार्ताओं में अवैध व भ्रष्ट तरीकों से वसूली गई राशि के बारे में आय तथ्यों का सत्यापन कराया जाना है तथा तथ्यों के सत्यापन से अवैध व भ्रष्ट तरीके से वसूली गई राशि की बरामदगी भी की जाएगी. आरोपी चालाक किस्म के है तथा अनुसंधान में सहयोग नहीं कर रहे है. अदालत ने आरोपी भानुप्रताप सिंह को 9 अप्रेल तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए. उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सुधीर यादव, भानुप्रताप सिंह तथा दलाल छगन की अन्तावरोधी वार्ताओं को सुनने से प्रकट हुआ कि चित्तौड़ तथा प्रतापगढ़ में स्थापित नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों द्वारा इस क्षेत्र में अफीम पट्टी के लिए नियुक्त ग्राम मुखियाओं, दलाल छगनलाल तथा लाईसेंसधारी काश्तकारों के माध्यम से अफीम की अवैध खेती को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है. अफीम की बुवाई के लिए लाईसेंस अनुबंधित क्षेत्र का भी उल्लंघन कर रहे खेती कर रहे जिसकी एवज में 200 से 250 रूपए प्रति पोइंट कम दर्शाने के रिश्वत के रूप में लेते है. इसके अलावा डोडा-चूरा को संबंधित काश्तकारों अथवा मुखियाओं के संरक्षण में भी अवैध रूप से रखा जाता है. अवैध रूप से बेचान की वार्ताएं भी अन्तावरोध अवधि में की गई.

इस प्रकार अफीम की खेती में नियंत्रण के लिए नियुक्त अधिकारियों द्वारा अवैध खेती को प्रोत्साहन एवं संरक्षण प्रदान किया जाकर रिश्वत की राशि का बड़ा रैकेट चलाया. सुधीर यादव, भानुप्रताप सिंह तथा प्रवीण सिंह द्वारा अपू्रटिंग किए जाने वाले गांवों में इस अवैध कार्य को संरक्षण प्रदान किया गया और मुखियाओं तथा सीधे लाईसेंसधारकों से प्रतिदिन रिश्वत की राशि ली गई. भानुप्रताप सिंह की तलाशी के दौरान घर से 2 लाख 30 हजार 830 रूपए, प्रवीण सिंह की तलाशी के दौरान 2 लाख 28 हजार रूपए व दस्तावेज दस्तियाब किए. नकद राशि प्रथम दृष्टया मोबाइल पर हुई वार्ताओं के अवैध रूप से किसानों एवं दलालों से लेना पाई गई. आरोपी सुधीर यादव, भानुप्रताप सिंह तथा लक्ष्मण सिंह एवं अन्य के खिलाफ उक्त कृत्य पीसी एक्ट 1988 एवं भादसं की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया. इस मामले में लिप्त तीन अन्य अधिकारी सुधीर यादव अधीक्षक केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो प्रतापगढ़, प्रवीण सिंह हवलदार कार्यालय अफीम अधिकारी प्रतापगढ़ हाल अटैचमेंट चित्तौड़ प्रथम व अन्य के खिलाफ कार्यवाही की गई. शेष आरोपियों को जयपुर के विशिष्ट न्यायालय एसीबी में पेश किया गया.

 

 

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