Saturday , 25 May 2019
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बेसहारा बच्चों को मिला सहारा

उदयपुर 15 दिन में मां बाप को खोकर अनाथ हुए 4 बच्चों को सीडब्ल्यूसी ने दिया शेल्टर, पढ़ाई लिखाई से होगा भविष्य उज्जवल

उदयपुर 15 दिन के अंतराल में उदयपुर के आकर्षण कॉलोनी में अपने पिता के बाद माता को अकाल मौत में खो देने के बाद बेसहारा हुए 4 नाबालिग बच्चों को आज बाल कल्याण समिति न्याय पीठ ने पहुंचकर अपनी शरण में लिया और उन्हें सहारा देते हुए ओपन शेल्टर होम में आवेशित किया जहां पर बच्चों को समुचित देख रेख के साथ शिक्षा दिलाई जाकर उनका भविष्य संवारा जाएगा.

बाल कल्याण समिति के सदस्य बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट हरीश पालीवाल ने बताया कि आकाशवाणी कॉलोनी में रहने वाले राजपूत परिवार के शंभू सिंह ने ब्राह्मण समाज की दीपिका कुंवर से शादी की इनके बाद इनके लगातार चार बच्चे पैदा हुए सबसे बड़े लड़की की उम्र 13 वर्ष बताई गई 10 अप्रैल को पेशे से ड्राइवर शंभू सिंह की टीवी के संक्रमण से मौत हो गई हादसे को 15 दिन ही नहीं गुजरे कि शनिवार को इसी बीमारी के चलते दीपिका कुंवर की भी मौत हो गई 15 दिन के अंतराल में दोनों की मौत से आहत 4 बच्चे एकदम अनाथ हो गए थे जिन की सूचना मिलने पर आज तीसरे की रस्म के बाद बाल कल्याण समिति न्याय पीठ के बालकृष्ण गुप्ता हरीश पालीवाल आसरा विकास संस्थान के भोजराज सिंह पदमपुरा चाइल्डलाइन के महेंद्र सिंह और प्रताप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची.

पालीवाल ने बताया कि मौके पर चारों बच्चों को मोहल्ले वाले बढ़िया तरीका से अपने पास रखे हुए थे और उनका देखभाल और रखरखाव कर रहे थे न्याय पीठ सदस्यों के पहुंचने पर चारों बच्चों को अपने घर से खाना खिला कर करीब 35 महिलाएं लेकर आई. न्याय पीठ सदस्यों ने प्रताप नगर पुलिस एवं चाइल्डलाइन की मौजूदगी में बच्चों को अपने संरक्षण में लिया तथा चारों बच्चों को विशेष देखभाल एवं संरक्षण वाला मानकर उनमें से सबसे बड़े 13 वर्षीय बालक को आसरा विकास संस्थान ओपन शेल्टर होम स्टडी में आवेशित कराया जबकि 7 वर्ष से कम आयु की बालिका व दो भाइयों को भोपालपुरा स्थित मदर टेरेसा होम में प्रवेशित किया. इस कार्रवाई के दौरान बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ प्रीति जैन सदस्य राजकुमारी भार्गव व सुशील यशोदा भी मौजूद रहे.

प्रेम विवाह से नाखुश थे मृतकों के अभिभावक

दिवंगत हुए शंभू सिंह व दीपिका के अभिभावक इन के प्रेम विवाह से नाराज थे लेकिन दीपिका के माता गणेश जी भाई के दिल पिघल जाने से उन्होंने अपना आकाशवाणी कॉलोनी स्थित मकान दीपिका को बतौर गिफ्ट भेंट कर दिया था जिसमें वह रह कर अपने पति व नाबालिक बच्चों के साथ जीवन जी रही थी और आखरी सांस भी पति के बाद वही पर ली.

मरने से पहले दीपिका ने रखा मकान 2000 में गिरवी

पति की मौत के बाद आर्थिक तंगी से गुजर रही दीपिका ने स्वयं के इलाज के लिए मरने से दो रोज पूर्व ₹2000 में अपना मकान पड़ोस में रहने वाले किसी मिश्रा के पास गिरवी रखा और उसके ओरिजिनल कागजात उनको दे दिया यह बात उन्होंने मोहल्ले में रहने वाली कई महिलाओं को बताया जिन्होंने आज न्याय पीठ सदस्यों के बीच बयान किया न्याय पीठ सदस्यों ने मिश्रा के घर पहुंचकर उनके कागज देने की बात कही और गिरवी राशि को आसरा विकास संस्थान ने अपनी ओर से अदा करने का वचन दिया.

क्षतिग्रस्त व संक्रमित हो रहा मकान

बच्चों के साथ समस्त मोहल्ले की महिलाओं के बीच मारपीट सदस्यों ने मकान का अवलोकन किया तथा मकान में रखें संक्रमित बिस्तर कपड़े आदि को जलाने के निर्देश दिए इस बीच चाइल्डलाइन को निर्देशित किया गया कि वह मोहल्ले वालों की मौजूदगी में बर्तन आवश्यक सामग्री की सूची बनाकर समिति के समक्ष प्रस्तुत करें ताकि इस सामान का उपयोग नाबालिग बच्ची के भविष्य में काम आ सके इस काम में मोहल्ले की मौजूदा महिलाओं ने अपनी ओर से भी सहयोग की पेशकश की.

क्षतिग्रस्त हो रही छत

समिति के सदस्यों ने जब मकान का मुआयना किया तो मकान के ऊपर की छत क्षतिग्रस्त थी जो बारिश में पानी से पूरे घर को खराब कर सकती थी ऐसे में पास पड़ोसियों एवं आसपास के लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने उन मुक्त रूप से मकान की मरम्मत छत पर टिन शेड घर का रंग रोगन कराने के लिए अपना अंशदान सहयोग करने का वचन दो दोहराया जिस पर चाइल्ड लाइन को निर्देशित किया गया.

बच्चों की एजुकेशन व परवरिश के लिए आवश्यकता

समिति की ओर से प्रदूषित आसरा विकास संस्थान एवं मदर टेरेसा होम में रहने वाले निराश्रित इन अनाथ चार बच्चों के शिक्षा दीक्षा भरण-पोषण एवं बेहतर भविष्य के लिए एडवोकेट मानसिंह मानव सेवा समिति के अजीत बम एवं आसरा विकास संस्थान के भोजराज सिंह पदमपुरा ने अपनी ओर से हरसंभव सहयोग करने की पेशकश की है.

बच्चों को लाते समय रो पड़ी महिलाएं

माता पिता के निधन के बाद निराश्रित व अनाथ हुए 4 बच्चों को 3 दिन से अपने संरक्षण में रखने वाली मोहल्ले की महिलाएं की किशोरिया व वह आदमी फफक फफक कर रो पड़ी अपनी आत्मिता ब मातृत्व सुख से सराबोर करने वाली इन महिलाओं के समूह ने बच्चों से हरसंभव जुड़ाव रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया.

मोहल्ले वासी को मिलने की होगी अनुमति

15 दिन के अंतराल में अपने माता पिता को अकाल मौत में खो देने वाले इन चार बच्चों के प्रति प्रेम दिखाने वाले मोहल्ले वासी तथा महिलाओं व अन्य पुरुषों को उनकी इच्छा के अनुसार इन बच्चों से मिलने की बाल कल्याण समिति ने अनुमति दी है मोहल्ले वालों के इन बच्चों के प्रति असीम सहयोग और प्रेम के प्रदर्शन से वह बेहतरीन चिंता से समिति ने यह निर्णय किया है कि वह जब भी चाहेंगे समिति की अनुमति से इन बच्चों से मिल पाएंगे.

रोजनामचा रिपोर्ट कराई दर्ज प्रताप नगर पुलिस को दिए निर्देश

बाल कल्याण समिति की टीम के साथ चाइल्ड लाइन प्रताप नगर पुलिस को निर्देश दिए कि वह बच्चों की रोजनामचा रपट दर्ज कर उनके मकान के कागजात सुरक्षित लाकर एवं उक्त मकान के समुचित ढंग से मरम्मत करवा कर उसका बच्चों के हित में सदुपयोग करने के लिए निर्देश दिए गए हैं.

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