Saturday , 25 May 2019
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जेवरात का पैसा प्रोपर्टी के घाटे में उड़ाया, धोखाधड़ी करने वाले भूमाफिया को भेजा जेल

उदयपुर. शहर के भूपालपुरा थाना क्षेत्र में बड़ा बाजार में वेलावतों की पोल की तीन दुकानों का इकरार कर उसके बदले डेढ़ किलो सोना व 16 किलो चांदी के जेवरात लेकर दुकानों को कब्जा नहीं सौंपकर धोखाधड़ी करने वाले भूमाफिया को आज अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. उक्त राशि को पैतृक जमीन पर दुकानों के निर्माण में उपयोग लेकर खर्च कर देना बताया गया. आरोपी ने स्वीकार किया कि व्यवसाय में घाटा होने पर मूल सम्पति व ब्याज भी नहीं लौटा पाया और छलपूर्वक दुकानों को भी अन्य व्यक्तियों को विक्रय कर दिया.

भुपालपुरा थानाधिकारी रमेश यादव ने बताया कि प्रियदर्शनी नगर बेदला रोड सुखेर निवासी ललित पुत्र भगवतीलाल बागरेचा के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में करजाली हाउस मोती चोहट्टा घंटाघर निवासी सुमंत पुत्र राजकुमार नैनावटी ने निजी उपयोग के लिए वेलावतों की पोल घंटाघर थाना क्षेत्र में 6, 7, 8 नम्बर की तीन दुकानों का डेढ़ किलो सोना व 16 किलो चांदी में इकरार किया. उसके बावजूद भी दुकानों का कब्जा नहीं सौंप कर धोखाधड़ी की. इस मामले में आरोपी से रिमांड अवधि के दौरान की गई पूछताछ में दुकान का किया गया विक्रय इकरारनामे के उप पंजीयन कार्यालय से रजिस्ट्री की प्रमाणित फोटो प्रति प्राप्त की गई. क्रय करने वाली दुकानों में गोपाल सोनी, रमेश सोनी के बयान भी लिए गए. स्टाम्प वेंडर शब्बीर हुसैन और स्टाम्प रजिस्टर की प्रमाणित प्रतियां भी ली गई. नोटेरीकर्ता नवनीतलाल वर्मा का मृत्यु प्रमाण पत्र भी इस मामले में लिया गया

. आरोपी ने फरियादी के पुश्तैनी जेवरात लेकर दुकानों का कब्जा नहीं सौंप कर अन्यत्र को बेच कर धोखाधड़ी की. वर्ष 2012 में सम्पति ली और वर्ष 2014 में तीन दुकानों को रहन रखा और अलग-अलग तारीखों में लिए गए जेवरातों को जमीन पर दुकानों के निर्माण के उपयोग में लेकर खर्च कर दिया जाना और भूमि व्यवसाय में राशि को खर्च करना बताया और बाद में घाटा हो जाने पर अभियुक्त द्वारा कुछ समय तक नियमित ब्याज दिया लेकिन बाद में घाटा इतना हो गया कि मूल सम्पति व ब्याज भी नहीं लौटा पाया और बेईमानीपूर्वक रहन रखी दुकानों को अन्य व्यक्तियों को बेच दिया. इस मामले में पुलिस ने आरोपी से जांच-पड़ताल पूर्ण कर अदालत में पेश किया जहां उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. आरोपी की ओर से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वर्ग क्रम-2 दक्षिण की अदालत ने जमानत का प्रार्थना पत्र पेश किया. प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मनीषा चौधरी द्वितीय ने धोखाधड़ी के मामले को गम्भीरता से देखते हुए आरोपी की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया.

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