Wednesday , 19 June 2019
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पिता ही निकला मासूम बच्ची का हत्यारा, नहीं हुआ था दुराचार

उरई, 14 जून (उदयपुर किरण). कुठौंद थाने में मासूम के साथ दरिंदगी के बाद हत्या के मामले का पटाक्षेप पुलिस ने कर दिया. पुलिस ने आठ वर्षीय बालिका के पिता को ही इस मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि बालिका के साथ दुष्कर्म की कोई घटना नहीं हुई थी. पिता ने जब उसे घसीटा, उस समय उसे खूंटी चुभ गई. पोस्टमार्टम में इसे लेकर परीक्षण करने वाले डॉक्टर गलतफहमी का शिकार हो गये थे. पुलिस के अनुसार आरोपित पिता और उसके परिवार के लोगों ने खुद भी अपने जुर्म को स्वीकार कर लिया है.
कुठौंद थाने के विजवाहा गांव में गत आठ जून को आठ वर्षीय बालिका गायब हो गयी थी. अगले दिन उसका शव गांव के बाहर खेत में मिला. बालिका की उसी की सलवार से गला घोंटकर हत्या की गई थी. मामले ने तब और तूल पकड़ा जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की आशंका प्रकट की गई.
पुलिस के लिए चुनौती बने इस मामले को लेकर अधिकारी हलकान रहे. लड़की के पिता ने गांव के ही दो लोगों को नामजद कराया था, लेकिन गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस उन्हें कई पेचीदगियां नजर आने से जेल नहीं भेज सकी. चार दिन तक पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद को स्वयं कुठौंद में कैम्प करना पड़ा. झांसी रेंज के डीआईजी सुभाष बघेल भी कुठौंद पहुंचे और मौके पर जाकर उन्होंने गहन छानबीन की.
आपराधिक रिकार्ड रह चुका है आरोपित पिता के ऊपर
 
बताया जाता है कि बालिका गूंगी थी, जिसके कारण उसकी शादी की समस्या को सोचकर पिता लाखन सिंह परेशान रहता था. पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद के मुताबिक उसकी दो और लड़कियों की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है. लाखन सिंह का आपराधिक इतिहास भी है. वह जय सिंह गूजर और मंगली केवट के गिरोह में रह चुका है. उसके खिलाफ अपहरण और हत्या के प्रयास सहित कई मुकदमे दर्ज हैं.
एक तीर से कई निशाना लगाने के चक्कर में था आरोपित पिता
 
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि घटना के दिन एक तीर से कई निशाने साधने की साजिश के तहत लाखन सिंह ने अपनी आठ वर्षीय बेटी की हत्या कर दी. उसने सोचा था कि लड़की की बलात्कार के बाद हत्या की गूंज से उसे सरकार से मुआवजा मिल जायेगा, जिससे वह बड़ी बेटी की शादी निपटा देगा. साथ ही इस बहाने उसे अपने विरोधियों को सबक सिखाने का भी मौका मिल जायेगा.
आरोपित ने ही बताया, लैब रिपोर्ट में नहीं होगी दुराचार की पुष्टि
 
पुलिस अधीक्षक के अनुसार लम्बी पूछताछ में जब शक की सुई परिवार के लोगों पर ही जाकर टिकने लगी तो लाखन सिंह को भावनात्मक ढंग से जुर्म कुबूलने के लिए तैयार किया गया. उसे ईश्वर की दुहाई देकर सही-सही बताने को कहा तो वह सच्चाई उगल बैठा. उन्होंने कहा कि बालिका के लैब रिपोर्ट में दुराचार की पुष्टि नहीं हो पाएगी, क्योंकि उसके साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था. इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बनी धारणा अपने आप खंडित हो जायेगी.

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