Wednesday , 17 July 2019
Breaking News

शोभजी का खेड़ा निवासियों ने ग्राम पंचायत का परिसीमन सही करने की उठाई मांग

उदयपुर. जिले के मावली पंचायत समिति का राजस्व गांव शोभजी का खेड़ा दो पाटों के बीच साबुत की तरह पिसा रहा है. यहाँ के ग्रामीण नामरी ग्राम पंचायत से निकलकर साकरिया खेड़ी में शामिल होना चाहते है और प्रशासन कान में तेल डालकर बैठा है. ग्रामीणों का कहना है उनका गांव नामरी से 9 किमी दूर है जबकि साकरिया खेड़ी ग्राम पंचायत महज एक से डेढ़ किमी की दूरी पर स्थित है.

ग्रामीणों के अनुसार 350 लोगों की जनसंख्या वाले गांव शोभजी का खेड़ा आज पंचायत से अलग थलग पड़ा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि हमारे राजस्व गांव के पास साकरिया खेड़ी पंचायत की सीमा लगती है, जबकि नामरी का दूर तक कोई नामो निशान नहीं है इसके बावजूद नामरी पंचायत में मानो जबरदस्ती द्वेषतापूर्वक डाल रखा है. ग्रामीणों का कहना है मतदान तक हम साकरिया खेड़ी पोलिंग बूथ पर करते है. राशन सामग्री भी साकरिया खेड़ी से ही मिलती है.

ग्रामीणों का कहना है कि राजस्थान सरकार के द्वारा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 101 के अंतर्गत ग्राम पंचायत की सीमा पुनर्निर्धारण का अधिकार है. ऐसे में इस अधिकार का उपयोग कर के शोभजी का खेड़ा को नामरी से निकालकर साकरिया खेड़ी में शामिल करने की मांग ग्रामीणों ने जोर शोर से की.

गौरतलब है ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के दौरान इस मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया था लेकिन लोकतंत्र के सम्मान में और प्रशासन द्वारा किए गए वादे के बाद यह निर्णय वापस लिया था. ये भी बता दें कि ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक से इस मांग को लेकर अनुनय विनय कर चुके है लेकिन ग्रामीणों की ये मांग नक्कारखाने में तूती बनकर ही रह गई है.

Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

Inline

Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News

Inline

Click & Download Udaipur Kiran App to read Latest Hindi News