Wednesday , 17 July 2019
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मुखर्जी नगर बवाल : डंडे-तलवार लेकर रात में फिर थाने पर जुटे लोग

New Delhi, 19 जून (उदयपुर किरण). उत्तर पश्चिमी जिले के ग्रामीण सेवा टकराने के विवाद में पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीण सेवा ड्राइवर की लड़ाई का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा. तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड, दो एफआईआर और क्राइम ब्रांच को जांच सौंपे जाने के बावजूद लोगों का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है. मंगलवार रात भी गुस्साए लोगों ने मुखर्जी नगर थाने का घेराव किया. थाने पहुंचे लोगों के पास डंडे और हाथ में तलवारें थीं. हालांकि कुछ देर हंगामा करने के बाद लोग वापस चले गए. इससे पहले लोग मांग करते रहे कि सरबजीत की कृपाण पकड़ने वाले पुलिसकर्मी को उनके हवाले किया जाए और उसका इंसाफ वही करेंगे. उधर पूर्व एसीपी वेद भूषण ने एक वीडियो जारी करके पूछा है कि क्या पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा का अधिकार नहीं है?

पुलिस के अनुसार सरबजीत और पुलिसकर्मियों के बीच हुई मारपीट के मामले में क्रॉस एफआईआर कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. तकनीकी कारणों में न जाते हुए एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि क्राइम ब्रांच आज या कल से जांच शुरू करेगी. अभी केस से जुड़ी फाइलें पुलिस को नहीं मिली हैं, जिसके कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी है.

पुलिस उन तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाएगी, जिसमें दावा किया गया है कि सरबजीत घटना से पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुका है. इसके अलावा पुलिस उसके बेटे की भी भूमिका खंगालेगी. सार्वजनिक हुए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पुलिस ने सरबजीत और उसके बेटे दोनों की पिटाई की थी, जबकि सरबजीत ने भी अपने बेटे के साथ मिलकर पुलिस पर हमला किया था.

आरोप के मुताबिक सरबजीत के बेटे ने एएसआई योगराज को थप्पड़ मारने के साथ ग्रामीण सेवा कई पुलिसकर्मियों पर चढ़ाने की कोशिश की थी, ऐसे में उसकी भूमिका को भी जांच से बाहर नहीं रखा जा सकता. हालांकि बेटे के खिलाफ कार्रवाई की बात पर अधिकारी ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी. पूर्व एसीपी वेद भूषण ने वीडियो जारी कर कहा है कि महज दो-तीन पुलिसकर्मियों के अव्यावहारिक बर्ताव से पूरी फोर्स पर लांछन नहीं लगाया जा सकता. सिख के पास कृपाण दूसरों की रक्षा के लिए होती है, न कि किसी की जान लेने के लिए. वीडियो में साफ देखा गया कि सरबजीत ने पुलिसकर्मियों पर कृपाण चलाई, जबकि उसके बेटे ने पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारकर ग्रामीणी सेवा वाहन उन पर चढ़ाने की कोशिश की. वह नाबालिग है, फिर भी कानून में नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है. उन्होंने एसीपी केजी त्यागी की पिटाई का जिक्र करते हुए कहा कि एसीपी की पिटाई के मामले में भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए.

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