Tuesday , 16 July 2019
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हैड कांस्टेबल की हत्या के आरोप में मां-बेटे सहित चार गिरफ्तार

आरोपी महिला ने मृतक हैड कांस्टेबल को सबक सिखाने की बात पर उकसाया हमलावरों को

राजसमंद. साधारण मारपीट के प्रकरण की जांच कर लौटते हैड कांस्टेबल की हत्या मां के उकसाने पर उसके बेटे ने पांच अन्य युवकों के साथ मिलकर लोहे के पाइप से पीट कर कर दी. पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए मां-बेटे सहित चार लोगों को गिरतार कर लिया. प्रथम दृष्टया पुलिस कार्रवाई से खफा होकर हैड कांस्टेबल की हत्या करना सामने आया है. रेंज उदयपुर आईजी विनीता ठाकुर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जहाजपुर (भीलवाड़ा) हाल कुंवारिया निवासी व भीम थाने में तैनात हैड कांस्टेबल अब्दुल गनी (44) पुत्र अब्दुल अजीज के पदमेला से लौटते वक्त कुछ युवकों ने पाइप से हमला कर गंभीर घायल कर दिया.

गंभीर घायल अवस्था में हैड कांस्टेबल को 108 एम्बूलैंस की सहायता से भीम अस्पताल ले जाया गया जहां, उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. एसपी भुवन भूषण यादव व एएसपी राजेश गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस ने हैड कांस्टेबल की हत्या पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रातडिया का थोग, पदमेला निवासी नैना देवी पत्नी प्यारेसिंह रावत ने उसके बेटे नोगेश्वरसिंह (20) व बेटे के मित्र कानिया कुड़ी, पदमेला निवासी लक्ष्मणसिंह (20) पुत्र गोपालसिंह रावत, नानिया खेड़ी निवासी मुकेशसिंह (19) विजयसिंह रावत को गिरतार कर लिया, जबकि मायला खेत निवासी राजूसिंह एवं मिठूसिंह पुत्र हीरासिंह रावत अब भी फरार है. बताया कि नैनादेवी ही पुलिस को सबक सिखाने की बात कहते हुए हैड कांस्टेबल अब्दुल गनी को पीटने के लिए उकसा रही थी.

मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दु:ख

राजसमंद के हैड कांस्टेबल अब्दुल गनी की मौत पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरा दुख जताया है. सीएम गहलोत ने रविवार को ट्वीट कर लिखा, हैड कांस्टेबल अब्दुल गनी की मौत की खबर से बहुत दुख हुआ. उन्होंने लिखा कि मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनके परिवार को न्याय मिलेगा. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं. इस मामले की जल्द जांच कर हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है.

दो पुत्रियों को पुलिस व प्रशासन संयुक्त रूप से लेगा गोद

वहीं, हैड कांस्टेबल अब्दुल गनी की दो पुत्रियों को पुलिस व प्रशासन संयुक्त रूप से गोद लेगा. भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने बताया कि इसी प्रकार भीलवाड़ा व राजसमंद पुलिस व प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी स्वैच्छिक रूप से 1 दिन का वेतन देंगे. भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने बताया कि गनी की पांच संताने हैं, इनमें से दो पुत्रियों को भीलवाड़ा कलेक्टर वह भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक गोद लेंगे, इनके बालिग होने तक शिक्षा का पूरा दायित्व उठाएंगे. इसी प्रकार गनी की दो अन्य बेटियों व बेटे की भरण-पोषण की जिमेदारी उनके समाज ने ली है. भट्ट ने बताया कि भीलवाड़ा जिला प्रशासन व पुलिस महकमे से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों से अपील की जाएगी कि वह 1 दिन का वेतन गनी के परिवार को समर्पित करें. भट्ट ने बताया कि गनी के आश्रितों को हर संभव राज्य सरकार से मिले एवं उनकी आवास की व्यवस्था हो इसके लिए भी राज्य स्तर पर प्रयास किए जाएंगे.

गमगीन माहौल में शव सुपुर्द ए खाक

रविवार को पोस्टमार्टम के बाद कांस्टेबल गनी का शव तिरंगे में लिपटकर भीलवाड़ा पहुंचा. जहां शव को देखते ही परिजनों की रूलाई फुट पड़ी तो पुलिस लाइन में भी शोक की लहर दौड़ गई. जोहर की नमाज अदा करने के बाद भीलवाड़ा शहर स्थित सुभाषनगर कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया. अंतिम संस्कार में भीलवाड़ा कलक्टर राजेंद्र भट्ट, एसपी सहित कई सामाजिक व राजनैतिक संगठनों के पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक सहित राजसमंद पुलिस की ओर से भीम डीएसपी राजेन्द्रसिंह शामिल हुए.

यह था मामला

राजसमंद जिले के उपखंड क्षेत्र की बरार ग्राम पंचायत के रातिया थाक गांव में भूमि विवाद का अनुसंधान करने गए भीम थाने के हैड कांस्टेबल अब्दुल गनी (48) पर शनिवार शाम छह बजे सुनसान सडक़ पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. गंभीर घायल हैड कांस्टेबल का भीम अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी.

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