प्रवासी श्रमिको को लेकर अब तक यूपी पहुंची 1337 ट्रेने


लखनऊ (Lucknow). उप्र के प्रवासी श्रमिकों व कामगारों को लेकर उप्र में अब तक अभी तक विभिन्न राज्यों से 1337 ट्रेनें प्रदेश आ चुकी हैं तथा 104 ट्रेनें रास्ते में हैं. करीब 1511 ट्रेनो की व्यवस्था की गई है. सबसे अधिक 474 ट्रेने गुजरात से प्रदेश में आ चुकी है.

अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश अवस्थी ने बुधवार (Wednesday) को यहां बताया कि सबसे अधिक प्रवासी श्रमिक करीब एक लाख 47 हजार सिध्दार्थनगर में आ चुके है जबकि महाराजगंज जिले में एक लाख तीन हजार तथा सीतापुर में 50 हजार, हरदोई में 58 हजार श्रमिक आ चुके है. अब तक गोरखपुर में कामगारों, श्रमिकों को लेकर अब तक 219 ट्रेनें आ चुकी हैं. इस प्रकार गोरखपुर रेलवे (Railway)जंक्शन पूरे देश में सर्वाधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेन रिसीव करने वाला स्टेशन बन गया है. इसी प्रकार लखनऊ (Lucknow) में करीब 89, जौनपुर में 99, बलिया में 64 ट्रेने आ चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिको को दूसरे राज्यो से लेकर आने का सिलसिला लगातार जारी है.

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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से प्रदेश सरकार (Government) विभिन्न राज्यों से कामगारों, श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मानजनक प्रदेश वापसी सुनिश्चित कर रही है. प्रदेश आने वाले समस्त कामगारों, श्रमिकों की स्क्रीनिंग करते हुए इन्हें क्वारंटीन सेन्टर अथवा होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए. क्वारंटीन सेन्टर तथा शेल्टर होम में स्वच्छता और सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. कामगारों, श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंदों को कम्युनिटी किचन के द्वारा शुद्ध एवं भरपेट भोजन की व्यवस्था की जाए. क्वारंटीन सेन्टर में कामगारों, श्रमिकों की स्किल मैपिंग करते हुए उनका मोबाइल नम्बर एवं बैंक (Bank) खाता संख्या सहित सम्पूर्ण विवरण संकलित किया जाए, जिससे इन्हें रोजगार प्रदान करने में सुविधा होगी.

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मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले कामगारों, श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराई जाए तथा होम क्वारंटीन के दौरान इन्हें एक हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता अवश्य उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी कामगार, श्रमिक का बैंक (Bank) खाता किन्हीं कारणों से निष्क्रिय हो गया हो तो प्रशासन सम्बन्धित बैंक (Bank) शाखा से सम्पर्क करते हुए ऐसे बैंक (Bank) खातों को अविलम्ब सक्रिय कराएं, ताकि ऐसे कामगारों, श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ते की धनराशि मिल सके.

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