पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले धान की 16.37 प्रतिशत अधिक खरीद

नई दिल्ली (New Delhi) . वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 के दौरान, सरकार ने अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ 2020-21 फसलों की खरीद जारी रखी है, जैसा कि पिछले सत्रों में किया था. पंजाब, हरियाणा (Haryana) , उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु (Tamil Nadu), चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, केरल (Kerala), गुजरात (Gujarat), आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक (Karnataka), पश्चिम बंगाल (West Bengal) और त्रिपुरा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुगमता से जारी है. इसके तहत 26 फरवरी 2021 तक 663.68 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है. यह पिछले साल की इसी अवधि में की गई 570.30 लाख मीट्रिक टन खरीद की तुलना में 16.37 प्रतिशत अधिक है. धान की कुल खरीद यानि 663.68 लाख मीट्रिक टन में से अकेले पंजाब (Punjab) का योगदान 202.82 लाख मीट्रिक टन है जो कि कुल खरीद का 30.56 प्रतिशत है. वर्तमान में जारी केएमएस खरीद संचालन के तहत 1,25,302.79 करोड़ रुपये मूल्य के धान की खरीद की गयी है और इससे लगभग 96.40 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं.

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इसके अलावा, राज्यों से प्रस्ताव के आधार पर खरीफ विपणन सीजन 2020 के लिए तमिलनाडु (Tamil Nadu), कर्नाटक (Karnataka), महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात (Gujarat), हरियाणा (Haryana) , उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान (Rajasthan)और आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh)राज्यों से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत 51.92 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद के लिए मंजूरी दी गई थी. आंध्र प्रदेश, कर्नाटक (Karnataka), तमिलनाडु (Tamil Nadu) और केरल (Kerala) राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति दी है. रबी विपणन सत्र 2020-2021 के लिए संबंधित राज्य सरकारों से मिले प्रस्तावों के आधार पर गुजरात (Gujarat), मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक (Karnataka), तेलंगाना और तमिलनाडु (Tamil Nadu) राज्यों से 29.82 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई थी. यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एएएमएसपी से नीचे चली जाती हैं, तो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके.

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