राजस्थान से 9 अप्रेल को खाली हो रही 3 राज्यसभा सीटें

संख्या बल से दो कांग्रेस, एक सीट भाजपा के खाते में जा सकती है, कांग्रेस में 3 नाम चर्चा में

जयपुर. अप्रेल में राज्यसभा की राजस्थान से 10 सीटों में से 3 सीटें खाली होने जा रही है चुनाव प्रक्रिया के तहत संख्या बल के अनुसार सत्तासीन कांग्रेस पार्टी को 2 उम्मीदवार और प्रतिपक्ष में बैठी भाजपा को संवैधानिक अनुसार 1 उम्मीदवार भेजने की खुली छूट मिल सकती है पर राजनैतिक गणित जोड़तोड़ क्या कहता है इसका अनुमान पहले से नहीं लगाया जा सकता है.

वर्तमान गहलोत सरकार और गठबंधन में जो तीन नाम राज्यसभा में भेजे जा सकते है उनमें प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, भंवर जितेन्द्र सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ है पर संख्या बल के अनुसार दो ही उम्मीदवार राज्यसभा में पहुंच सकते है कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे का नाम इसलिए लिया जा रहा है उनके प्रभारी रहते कांग्रेस सत्ता में पहुंची तो भंवर जितेन्द्र सिंह को पूर्व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का निकटतम से निकटतम सहयोगी माना जा रहा है गौरव वल्लभ कांग्रेस के ऐसे प्रवक्ता उभरकर सामने आये है जिनके ज्ञान के आगे भारतीय जनता पार्टी के अपने आप को बेहद बुद्धिमान समझने वाले सम्मित पात्रा को टीवी डिबेट में निरोत्तर करते रहते है.

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हालांकि उन्हें झारखंड से कांग्रेस ने विधायक का टिकट दिया था पर उनके हाथ असफलता लगी गौरव वल्लभ ऐसे राष्ट्रीय प्रवक्ता है जिनके ज्ञान और पार्टी के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है अगले एक महीने बाद राज्यसभा चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अधिसूचना जारी की जा सकती है कांग्रेस को जो दो सीटें मिलेगी उनमें एक सीट पर प्रदेश के बाहर के और एक सीट पर प्रदेश के व्यक्ति को राज्यसभा भेजे जाने की संभावना है इनमें गौरव वल्लभ और भंवर जितेन्द्र सिंह का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आ रहा है.

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अलवर के पूर्व सांसद भंवर जितेन्द्र सिंह लागतार 2014-19 का लोकसभा चुनाव हार चुके है लेकिन गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते है ऐसे में उनके नाम पर भी पार्टी में चर्चा चल रही है कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे का नाम पहले से ही चर्चा में है पर पांडे के नाम पर सत्ता संगठन में अपुष्ट खबरों के अनुसार चल रही राजनैतिक खींचमतान के बीच सहमति बनती है तो यह उनके राजस्थान प्रभारी के रूप में किए गए कार्यो का ईनाम होगा.

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