पुलिस को गच्चा देकर लगातार गुजरात ले जाए जा रहे हैं 8 बाल श्रमिक छुड़ाए

 

पुलिस (Police) नाकाबंदी की सूचना पर ड्राइवर व दलाल बच्चों को शहर में आने से पहले ऑटो के माध्यम से नाकाबंदी पार करा देते

उदयपुर (Udaipur). उदयपुर (Udaipur) के ग्रामीण क्षेत्र गोगुंदा सायरा से लगातार गुजरात सूरत (Surat) व अन्य जिलों में  बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे हैं बच्चों के रुकने का सिलसिला थम नहीं रहा  पिछले 4 दिनों से  लगातार बाल सुरक्षा नेटवर्क के  सूचना देने के बावजूद  आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी लेकिन  गुरुवार (Thursday) को बाल सुरक्षा नेटवर्क  एवं आजीविका ब्यूरो के कार्यकर्ताओं के पुख्ता सबूत जुटाने के बाद बिछाए जाल में आखिरकार 8 बच्चों को गुजरात ले जाते रेस्क्यू किया गया है तथा लगातार गोगुंदा सायरा क्षेत्र के बच्चों को गुजरात ले जाए जाने वाली राजगुरु ट्रेवल्स की दो बसों को मानव तस्करी यूनिट पुलिस (Police) थाना ने सीज किया है.

बाल सुरक्षा नेटवर्क के संयोजक बालकृष्ण गुप्ता एवं सदस्य हरीश पालीवाल को आजीविका ब्यूरो की टीम के विभिन्न सदस्य समन्वयक संतोष पुनिया के माध्यम से नियमित रूप से गोगुंदा से गुजरात बाल श्रम कराने के लिए इस क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को ले जाए जाने की सूचना दे रहे थे बाल सुरक्षा नेटवर्क यह सूचनाएं भी लगातार पुलिस (Police) के संबंधित थाना अधिकारियों को प्रेषित कर रहा था लेकिन लगातार पुलिस (Police) की जांच में बच्चे बसों से गायब मिल रहे थे. गुरुवार (Thursday) को आजीविका ब्यूरो की टीम के सदस्यों द्वारा बाल सुरक्षा नेटवर्क के साझा प्रयासों से गोगुंदा से बच्चों के रवाना होने की सूचना में फोटोग्राफ क्लिक कर इसकी

  महाराणा जगत सिंह द्वितीय की 311वीं जयंती

सूचना सुरक्षा नेटवर्क के साथ समन्वयक संतोष पुनिया को दी संतोष पुनिया ने विधिवत रूप से साथी एडवोकेट हरीश पालीवाल एवं बालकृष्ण गुप्ता के साथ मानव तस्करी यूनिट के प्रभारी श्याम सिंह एवं जाब्ता को दी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर (Udaipur) को सूचित कर पुख्ता कार्रवाई करने का जाल बिछाया जाल के तहत दोनों बसें राजगुरु ट्रेवल्स की गुजरात के सूरत (Surat) व राजकोट जाने के लिए गोगुंदा से नियमित समय पर रवाना हुई पूरी बस शांतिपूर्वक उदयपुर (Udaipur) के हिरण मगरी तक पहुंची लेकिन जब जड़ाऊ नर्सरी के वहां बस को रोककर चेक किया गया तो पता लगा सूरत (Surat) जाने वाली बस में 3 बच्चे बैठे हुए मिले जबकि राजकोट जाने वाली बस में से गोगुंदा से सवार हुए 5 बच्चे गायब मिले मानव तस्करी यूनिट के प्रभारी श्याम सिंह व जाब्ता भानु प्रताप ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि संतोष मेनारिया आजीविका ब्यूरो के संतोष पुनिया बाल सुरक्षा नेटवर्क के कार्यकर्ताओं के साथ ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ की तो ड्राइवर ने बताया कि बस संचालक को को सूचना मिलने के कारण बच्चों को अंबेरी उतार कर उन्हें ऑटो के माध्यम से बलीचा तक आगे पहुंचा दिया ताकि शहर की नाकाबंदी में बच्चे मिल ना सके.

  एनएच-8 पर उपद्रवियों का तांडव थमा, शांति बहाली की राह खुली

लगातार इस बात से बच्चों के गुजरात जाने की सूचना पुख्ता होने के बावजूद पुलिस (Police) को गच्चा देकर बच्चों की मानव तस्करी करने वाले मेट व दलाल इस तरह सक्रिय है कि वह बच्चों को भी पुलिस (Police) की आंख से ओझल कर आगे से आगे पार करा रहे थे. मानव तस्करी यूनिट ने आजीविका ब्यूरो बाल सुरक्षा नेटवर्क जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सूरज जाने वाले तीन बच्चों को जलाओ नर्सरी के पास से रेस्क्यू किया तथा राजकोट जाने वाली बस में सवार तथा अंबेरी से बलिचा तक ऑटो में भेजे गए 5 बच्चों को दलाल सहित काठियावाड़ी भोजनालय के पास से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया.

  उदयपुर पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए ऋषभदेव में उपद्रव मामले में पुलिस ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार !

इस तरह आजीविका ब्यूरो व सुरक्षा नेटवर्क के सदस्यों की सांझा टीम की पुख्ता सूचना के साथ चलें मानव तस्करी यूनिट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मौजूदगी में 8 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया तथा दोनों राजगुरु ट्रेवल्स की बसों को सीज किया है. नेटवर्क व तस्करी ने बच्चों के शेल्टर के लिए बाल कल्याण समिति को सूचित किया है. बाल सुरक्षा नेटवर्क लगातार 4 दिन से बच्चों के गुजरात भेजे जाने की सूचनाएं आजीविका ब्यूरो से मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों को वह अधिकारियों को दे रहा था लेकिन दलाल व ट्रैवेल्स नाका बंदी क्षेत्र से बच्चों को पार करा कर सुरक्षित बच्चों की मानव तस्करी में संलिप्त हो रहा था आज आज भी का ब्यूरो व नेटवर्क की टीम के सशक्त प्रयासों से सकारात्मक कार्रवाई हो पाई.

Check Also

एनएच-8 पर उपद्रवियों का तांडव थमा, शांति बहाली की राह खुली

जनजाति अभ्यर्थियों ने डूंगरपुर (Dungarpur) जिले की कांकरी डूंगरी से समाप्त किया धरना उदयपुर (Udaipur). …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *