Friday , 19 July 2019
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मानव मल उठाने की कुप्रथा का जड़ से अंत जरूरी : मंजु दिलेर

मेरठ, 15 सितम्बर (उदयपुर किरण). राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य मंजु दिलेर ने कहा कि मानव का मल मानव द्वारा ढोना एक अमानवीय कृत है, जिसे खुद न्यायालय ने भी कानूनी अपराध माना है. उन्होंने बताया कि मानव का मल मानव द्वारा ढोना जैसी कुप्रथा को मैनुअल स्कैवेन्जर्स एक्ट 2013 में लागू कर प्रतिबंधित किया गया था, लेकिन अभी भारत वर्ष के 12 राज्यों में यह कुप्रथा चली रही, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है.
शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक में मंजू दिलेर ने कहा कि वर्ष 2013 से पूर्व यह कुप्रथा का कार्य काफी संख्या में था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश के 47 जनपदों में से मेरठ में भी मानव मल उठाये जाने की कुप्रथा आज भी चल रही है. उन्होंने बताया कि इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने हेतु स्वच्छकार मुक्ति योजना शुरु की गई है, जिसमें ऐसे सभी लोगों को जोडकर योजनान्तर्गत 40 हजार का आर्थिक अनुदान प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना हैं.
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए सरकार की मंशा के अनुरुप, बिना भेदभाव के समाज के दबे कुचले वर्ग के लोगों को हक देने के लिए कार्य करें. उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत के साथ सबका साथ सबका विकास का नारा ही प्रधानमंत्री का सपना है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह रि-सर्वे कराकर मानव मल सिर पर ढोने की कुप्रथा में जो लोग लगे हैं, उनको प्राथमिकता पर स्वच्छकार मुक्ति योजना से लाभान्वित करें.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर इस कुप्रथा में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर उन्हें मुक्त कराया जाये. उन्होंने जिलाधिकारी को नगर निगम से संबंधित सफाई कर्मियों की 2215 संविदा सफाई कर्मियों का प्रकरण, जिनमें से हटाये 17 कर्मियों को बहाल कराने, 200 सफाई कर्मियों का हुआ टैण्डर निरस्त कराने, नियुक्त सफाई कर्मियों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर लिपिक आदि पदो पर पदोन्नति कराने, सवेतन साप्ताहिक अवकाश देने,सफाई कर्मियों को सैफटी किट देने, आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत मलिन व दलित बस्तियों में छुटे लोगों का पंजीकरण कराने, समान काम समान वेज दिलाने, मृतक आश्रित का चिकित्सा क्षतिपूर्ति बिल भुगतान कराने आदि समस्याओं को अवगत कराने हुए समय से निराकरण के लिए कहा.
उन्होंने कहा सफाई कर्मी दबे कुचले समाज से है, इसलिए अधिकारी उनको उनका हक पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से दें तथा किसी प्रकार से उनका शोषण न होने दें. उन्होंने कहा जो इस समाज के जो परिवार नौकरी से वंचित है उन परिवार के लोगों को प्राथमिकता पर नौकरी में रखा जाये न कि एक ही परिवार के लोगों को. उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी सफाई कर्मियों के साथ किसी मारपीट आदि की घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने तथा उन्हें पूर्ण सुरक्षा देने के साथ हर सम्भव न्याय देने की बात रखी. इस पर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी के साथ न्याय कराने व उनकी समस्याओं को निस्तारण करने हेतु सदस्य को आश्वस्त किया.

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