टीकाकरण : पहले दिन करीब 2 लाख को मिली पहली खुराक

नई दिल्‍ली . कोरोना (Corona virus) महामारी (Epidemic) के खिलाफ शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत शनिवार (Saturday) को भारत में अग्रिम पंक्ति के लगभग दो लाख स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई. इसके साथ ही दुनियाभर में 10 महीनों में लाखों जिंदगियों और रोजगार को लील लेने वाली इस महामारी (Epidemic) के भारत में खात्मे की उम्मीद जगी है.

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भारत में करीब एक करोड़ लोगों के संक्रमित होने और 1,52,093 लोगों की मौत के बाद देश ने ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ टीके के साथ महामारी (Epidemic) को मात देने के लिए पहला कदम उठाया है और देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों पर आज टीकाकरण किया गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में टीकाकरण के पहले दिन 3,352 केंद्रों पर 1,91,181 स्वास्थ्यकर्मियों और सफाईकर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई.

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कोविड-19 (Covid-19) से बचाव के लिए टीके की खुराक सबसे पहले अनुमानित एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को और इसके बाद दो करोड़ अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों को दी जाएगी. इसके बाद 50 साल से अधिक उम्र वालों एवं अन्य बीमारियों से ग्रस्त 27 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने की योजना है.

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इसके साथ ही 3,000 से अधिक सैन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी आज टीके की पहली खुराक दी गई. सूत्रों ने बताया कि लद्दाख और कश्मीर सहित पूरे भारत में भारतीय सेना के 3,129 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया.

स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ एम्स दिल्ली के निदेशक रणदीप गुलेरिया, नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल, भाजपा सांसद (Member of parliament) महेश शर्मा और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मंत्री निर्मल माजी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें टीके की पहली खुराक दी गई. पॉल कोविड-19 (Covid-19) महामारी (Epidemic) से निपटने के लिए चिकित्सा उपकरण एवं प्रबंधन को लेकर गठित अधिकार समूह के प्रमुख भी हैं.

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