मलेश‍िया से पाम ऑयल आयात पर रोक से बाबा रामदेव खुश, पतंजलि, अडानी, इमामी को होगा लाभ


नई दिल्ली. भारत सरकार ने मलेश‍िया से पाम ऑयल के आयात पर प्रतिबंध लगाया है. इस प्रतिबंध से बाबा रामदेव सबसे अधिक खुश है क्योंकि इससे पतंजलि और अडानी जैसी देसी कंपनियों को फायदा मिलेगा. मलेशिया ने कश्मीर, सीएए पर भारत की आलोचना की थी. मलेश‍िया से रिफाइंड पाम ऑयल के आयात पर रोक से अडानी विल्मर, इमामी एग्रोटेक, पतंजलि आयुर्वेद, करगिल, गोकुल एग्रो जैसी घरेलू खाद्य तेल कंपनियों के लिए वरदान साबित हो सकता है. ये सभी कंपनियां आयातित तेल के भंडार की वजह से काफी मुश्किलों का सामना कर रही थीं और अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रही थीं.

असल में भारत में ये कंपनियां रिफाइंड पाम ऑयल जिस रेट पर बेचती हैं, उसके मुकाबले मलेश‍िया से यहां आयात करने के बाद भी पाम ऑयल सस्ता पड़ता है. पतंजलि ने हाल में ही दिवालिया हो चुकी खाद्य तेल कंपनी रुचि सोया को खरीदा है. खाद्य तेल बाजार पर उक्त कंपनियों का दबदबा है, इसलिए आयात पर रोक से सबसे ज्यादा फायदा भी उन्हें ही होगा. गौरतलब है कि कश्मीर और नागरिकता कानून पर भारत सरकार के रुख का मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के विरोध के बाद मलेशिया और भारत के बीच विवाद बढ़ गया.

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भारत ने मलेशिया से रिफाइन्ड पाम ऑयल के आयात पर रोक लगा दी है और इस बात के भी संकेत हैं कि भारत अन्य वस्तुओं के आयात पर भी प्रतिबंध लगा सकता है. दरअसल, भारत ने ये कदम तब उठाया है, जब मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद कश्मीर मुद्दे से लेकर नागरिकता कानून को लेकर भारत की तीखी आलोचना कर चुके हैं. महातिर ने नागरिकता कानून को लेकर कहा था कि यह पूरी तरह से अनुचित है. इसके अलावा विवादित इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक को शेल्टर देने से भी भारत खफा है.

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सॉल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईएआई) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बीवी मेहता ने कहा, ‘साल 2019 में घरेलू खाद्य तेल रिफाइनरियां अपनी क्षमता का सिर्फ 40 फीसदी ही इस्तेमाल कर पाई हैं, जबकि इसके पिछले साल में उन्होंने 60 फीसदी क्षमता इस्तेमाल किया था. समूची इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर थी. सरकार यदि आयात पर रोक नहीं लगाती तो उनके सामने अपना अस्तित्व बचाने का कोई और चारा नहीं था.’ गौरतलब है कि सरकार ने मलेश‍िया से क्रूड यानी गैर रिफाइंड पाम ऑयल के आयात पर कोई रोक नहीं लगाई है. इससे फायदा यह होगा कि घरेलू कंपनियां सस्ते में क्रूड ऑयल आयात कर यहां उसकी रिफाइनिंग कर खुद बेचेंगी. मेहता ने कहा, ‘इंडस्ट्री काफी समय से इसकी मांग कर रही थी कि आयात पर कुछ समय के लिए रोक लगाई जाए. हम हर साल 95 लाख टन पाम ऑयल का आयात करते हैं.’

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