Monday , 16 July 2018
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बकाया रकम का भुगतान नहीं कर रहीं आरकॉम-एयरसेल : वितरक

मुंबई. वितरकों ने रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) और एयरसेल पर अपनी अधिकांश रकम का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है. इन कंपनियों ने कहा कि उन्हें बकाया रकम का एक हिस्सा ही दिया गया है. दीवालिया हो चुकी एयरसेल ने अपने वितरकों को उनकी बकाया रकम का 10 फीसदी से कम चुकाने की पेशकश की है. इस पर कुछ वितरकों ने अंतिम निपटारे से पहले कोई रकम लेने से इनकार कर दिया है. आरकॉम ने वितरकों से भुगतान के लिए कुछ और सप्ताह का इंतजार करने को कहा है. एयरसेल के एक एग्जिक्यूटिव ने बताया कि वितरकों को दी जा रही निपटारे की रकम अंतिम है. महाराष्ट्र में एयरसेल के वितरक अदनान खान को कंपनी ने 4,000 रुपये देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया क्योंकि उनकी कंपनी पर करीब 11 लाख रुपये की रकम बकाया है.

एयरसेल के साथ लंबे समय से काम कर रहे खान ने बताया, ‘कंपनी ने कहा है कि वह मुंबई की एजेंसी के लिए 1.25 लाख रुपये के स्टॉक पर मुझे भुगतान कर रही है, जबकि महाराष्ट्र सर्कल में दो एजेंसियों के लिए कोई भुगतान नहीं दिया जा रहा, जबकि मेरे पास 10 लाख रुपये का स्टॉक है. हालांकि, 2009 से एयरसेल के डिस्ट्रीब्यूटर के तौर पर काम कर रहे दिग्विजय एस कदम ने उनकी कंपनी पर बकाया कुछ लाख रुपए की रकम के बदले करीब 5,000 रुपये के डिमांड ड्राफ्ट को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने बताया, ‘मैंने इसे स्वीकार किया है क्योंकि यह कुछ नहीं से बेहतर है. एयरसेल के एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स ने स्टैम्प पेपर पर साइन करने से मना कर दिया है. स्टैम्प पेपर पर लिखा है, ‘हम कंपनी या रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल से कोई अन्य डिमांड या क्लेम नहीं करेंगे, निर्धारित फॉर्मेट में एक क्लेम दाखिल करने के अलावा.’

एयरसेल के कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स ने बताया कि उन्हें यह नहीं पता कि अपनी बकाया रकम के क्लेम के लिए उन्हें चार में से कौन सा फॉर्म भरना है. एक डिस्ट्रीब्यूटर ने कहा, ‘क्या हम ऑपरेशनल क्रेडिटर हैं या जनरल क्रेडिटर, हमें यह बताने वाला कोई नहीं है.’ मलेशिया के मैक्सिस ग्रुप के मालिकाना हक वाली एयरसेल और अनिल अंबानी की टेलीकॉम कंपनी आरकॉम के डिस्ट्रीब्यूटर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. एयरसेल ने मार्च में बैंकरप्सी के लिए आवेदन किया था और आरकॉम ने पिछले वर्ष के अंत में अपना वायरलेस बिजनेस बंद कर दिया था. इन दोनों कंपनियों ने संवाददाताओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर नहीं दिए. आरकॉम पर लगभग 46,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. कंपनी अपने वायरलेस बिजनेस और रियल एस्टेट एसेट्स को रिलायंस जियो इंफोकॉम और ब्रूकफील्ड को करीब 18,000 करोड़ रुपये में बेचने की डील के लिए रेगुलेटरी अनुमति का इंतजार कर रही है.

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