डंपिंग यार्ड में गौवंश को मरने के लिए छोड़ने पर निगम के जिम्मेदारों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज

उदयपुर (Udaipur). डंपिंग यार्ड में नगर निगम के द्वारा गौवंश को जानबूझकर मरने के लिए छोड़कर यातनाएं दी गई है. डंपिंग यार्ड में सैकड़ों गौवंश फंसा हुआ है और कई गौवंश की भूख प्यास व प्लास्टिक खाने से मौत हो गई है. इसी को लेकर शिव सेना, मेवाड़ संभाग द्वारा निगम के जिम्मेदारों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाया. युवा सेना जिलाध्यक्ष गौरव नागदा ने बताया कि वहां गौवंश के ना खाने की व्यवस्था है न ही कहीं दूर दूर तक पानी है. इस प्रकार जानबूझ कर यातनाएं देकर निगम के जिम्मेदारों ने पशु क्रूरता करते हुए संज्ञेय अपराध कारित किया है. भारतीय संस्कृति एवं सनातन हिन्दू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है ऐसे में गौवंश की इस प्रकार दुर्दशा करके हमारी आस्था को ठेस पहुंची है.

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भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51(A) के मुताबिक हर जीवित प्राणी के सहानुभूति रखना भारत के प्रतिएक नागरिक का मूल कर्तव्य है, ऐसे में नगर निगम उदयपुर (Udaipur) के अधिकारियों ने इसका उल्लघन किया है. डंपिंग यार्ड में फंसे सैकड़ों गौवंश में से 80% बैल/सांड है (जिसमें अधिकतर के कानों पर टैग लगे हुए है) जो कि आसपास के किसी भी ग्रामीण द्वारा नहीं छोड़े गए है . शहर की सड़कों से पकड़कर डंपिंग यार्ड में मरने हेतु छोड़ा है ताकि सड़कों पर घूमने वाले गौवंश जो कि इनके लिए भारी समस्या है, उससे छुटकारा मिल जाए. मुकदमा इन जिम्मेदार लोगो के विरूद्ध दर्ज कराया जिनके नाम इस प्रकार है – 1. आयुक्त नगर निगम, 2. महापौर नगर निगम, 3. उप महापौर नगर निगम, 4. अध्यक्ष – काईन हाउस समिति, 5. अन्य सभी जो इस संज्ञेय अपराध में सम्मिलित है.

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जिलाध्यक्ष सुधीर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में भी नगर निगम ने पूर्व में भी चारागाह के नाम पर केवड़े की नाल ( पैंथर जोन) में छोड़कर मौत के मुंह में धकेल दिया था. इस संदर्भ में वर्ष 2016 में दि प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल (अमेंडमेंट) बिल, 2016 विधेयक पारित हुआ है जिसमें पशु क्रूरता अधिनियम को ओर अधिक कठोर कानून बनाया है एवं संज्ञेय अपराध में माना गया है.  रिपोर्ट एस पी को देकर अभियुक्तगणों के विरूद्ध पशु क्रूरता अधिनियम 1960, आईपीसी 429 के तहत मुकदमा दर्ज करने लिए दिया है.  मुकदमा में दर्ज कराने के लिए जिला उपाध्यक्ष गणेश वैष्णव, विधि व महिला सेना जिलाध्यक्ष मंजू सोलंकी, नगर अध्यक्ष दिलीप लक्षकार, शैलेश वागरी, रतन मीणा आदि मौजूद रहे.

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