Thursday , 28 January 2021

सिविल सेवा परीक्षा के लिए एक्स्ट्रा चांस दे सकती है केंद्र सरकार


नई दिल्ली (New Delhi) . यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार (Central Government)सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को वर्ष 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त मौका देने पर विचार कर रही है. केंद्र सरकार (Central Government)ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में कहा कि सरकार और संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के बीच कोविड-19 (Covid-19) से प्रभावित सिविल सेवा अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त मौका देने के प्रस्ताव पर लगातार बाचतीच चल रही है. इससे पहले सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में अक्टूबर माह में कहा था कि अतिरिक्त मौका देने के मामले पर विचार किया जा रहा है.

जब सिविल सेवा परीक्षा 2021 के दिशानिर्देश निर्धारित किए जाएंगे, तब उपयुक्त अथॉरिटी इस बात को ध्यान में रखेगी. गौरतलब है कि यूपीएससी अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में याचिका दायर कर मांग की थी कि कोविड-19 (Covid-19) की स्थिति के मद्देनजर उन्हें 2021 में होने वाली सिविल सेवा परीक्षा में भी बैठने का मौका दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने इस पर केंद्र सरकार (Central Government)से जवाब मांगा था. याचिका 24 उम्मीदवारों द्वारा दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि एक्स्ट्रा अटेंप्ट का यह मौका कोविड-19 (Covid-19) को ध्यान में रखते हुए सिर्फ एक बार के लिए दिया जा सकता है.

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गौरतलब है कि इस बार परीक्षा देने वाले बहुत से अभ्यर्थी अगले साल सिविल सेवा परीक्षा के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा को पार कर जाएंगे. आयु संबंधी नियमों के मुताबिक वह 2021 की सिविल सेवा परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे. 4 अक्टूबर को आयोजित हुई सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे. 30 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने सिविल सेवा परीक्षा को स्थगित करने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वह वैश्विक महामारी (Epidemic) के कारण परीक्षा नहीं दे पाने वाले उन लोगों को एक और मौका देने पर विचार करे, जिनसे पास यूपीएससी परीक्षा देने का इस बार आखिरी अवसर है. कोर्ट ने 2020 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को 2021 की परीक्षा के साथ आयोजित कराने के आग्रह वाली याचिका खारिज कर दी थी.

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गौरतलब है कि यूपीएससी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस (Police) सेवा (आईपीएस), भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) समेत की तरह की सिविल सेवओं के लिए अधिकारियों का चयन करने के लिए प्रतिवर्ष तीन चरणों में प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार सिविल सेवा परीक्षा आयोजित कराती है. इस भर्ती परीक्षा में हर साल करीब 8 लाख युवा बैठते हैं. वर्तमान में इस भर्ती परीक्षा के लिए आयु की न्यूनतम सीमा 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष तय की हुई है. एससी, एसटी वर्ग के उम्मीदवारों का पांच वर्ष और ओबीसी को तीन वर्ष की छूट है. किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएट व्यक्ति इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.

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