चैपलिन सलेहा जबीन ने अपने कर्तव्य को बेहद संजीदगी से निभाने का संकल्प लिया

वाशिंगटन . अमेरिकी सेना में शामिल पहली भारतीय-मुस्लिम ‘चैपलिन सलेहा जबीन ने आध्यात्मिक सलाहकार के रूप में अपने कर्तव्य को बेहद संजीदगी से निभाने का संकल्प लिया है. चैपलिन धार्मिक मामलों में सलाह देने वाला पेशवर होता है.

आधिकारिक बयान के अनुसार, पांच फरवरी को ऐतिहासिक स्नातक समारोह का आयोजन हुआ था. भारत में जन्मी जबीन ने कहा कि वह यह अवसर पाने के लिए बेहद आभारी हैं. उन्होंने कहा, मुझे अपने किसी धार्मिक विश्वास या प्रतिबद्धता के साथ समझौता नहीं करना पड़ा. मेरे आसपास इसतरह के लोग हैं, जो मेरा सम्मान करते हैं. महिला, आध्यात्मिक नेता और एक प्रवासी के तौर पर मेरे साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं.

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जबीन ने कहा, मुझे कौशल हासिल करने के लिए कई अवसर प्रदान किए गए, जो एक सफल अधिकारी और बहुलतावादी वातावरण में एक ‘चैपलिन’ बनने में मदद करेगा. जबीन को पिछले साल दिसम्बर में शिकागो में ‘कैथोलिक थियोलॉजिकल यूनियन’ में बतौर ‘सेकेंड लेफ्टिनेंट’ नियुक्त किया गया था. वह रक्षा विभाग में नियुक्त की गई, पहली महिला मुस्लिम ‘चैपलिन’ हैं. वह एक छात्र (student) के तौर पर 14 साल पहले अमेरिका आई थीं.

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