स्लम एरिया के बच्चों ने किया न्यायालय अवलोकन, उच्च शिक्षा अर्जित कर देश के कर्णधार बनने का लिया संकल्प

उदयपुर. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या दो महेंद्र दवे ने स्लम एरिया में रह रहे बच्चे और बच्चियों को शिक्षा के सदैव तत्पर रहने को कहा है उन्होंने कहा कि समाज के वंचित वर्ग की यह बच्चे अगर पढ़ लिख कर अपनी जिम्मेदारी का एहसास करेंगे तो सशक्त राष्ट्र की कल्पना की जा सकती है. राष्ट्रीय घरेलू महिला श्रमिक संगठन राजस्थान के बैनर तले शहर के विभिन्न गरीब कच्ची बस्तियों में रहने वाले लड़के व लड़कियों को संगठन की ओर से आज बार एसोसिएशन द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत न्यायालय का भ्रमण कराया गया तथा न्यायालय में की जाने वाली कार्रवाई से रूबरू करवाया.

अपराहन 3:00 बजे सबीना मछला मंगरा गोर्धन विलास सहित आसपास की कच्ची बस्तियों में रहकर शिक्षा अर्जित करने वाली नाबालिग लड़कियों को लड़कों को न्यायालय परिसर में लाया गया तथा उन्हें बाल कल्याण समिति के पूर्व सदस्य एवं एडवोकेट हरीश पालीवाल ने न्यायालय की दिन प्रतिदिन होने वाली कार्रवाइयों से रूबरू कराया. एडवोकेट पालीवाल ने उन्हें घर में माता पिता भाई भाभी चाचा चाची के बीच होने वाले पारिवारिक विवादों की पारिवारिक न्यायालय में होने वाली कार्रवाई हो से तो बच्चों पर होने वाले यौन अपराधों के संदर्भ में पोस्को कोर्टो की तथा जातिगत आधार पर गाली गलौज करने वाले न्यायालय sc-st कोर्ट की कार्रवाईया से रूबरू कराया. इस दौरान अपर लोक अभियोजक कुलदीप परिहार बंसीलाल गवारिया ने भी न्यायलय की प्रक्रियाओं से बच्चों को रूबरू कराया.

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सरकारी विद्यालयों में पढ़ कर उच्च शिक्षा का सपना सच होने वाले इन बच्चों को चेकों के अनावरण के मामलों में न्यायालय की गतिविधियों से रूबरू कराया जहां मजिस्ट्रेट श्रीमती अनुराधा दाधीच एवं सुरेंद्र सोनी ने इन बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया. न्यायालय भ्रमण के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या 3 श्रीमती मीनाक्षी जैन ने न्यायालय अवलोकन पर आई बच्चियों व बच्चों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने तथा विधि क्षेत्रों में वकालत करने न्याय करने तथा अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पर प्रकाश डाला और उनके उज्जवल भविष्य की कामनाएं की.

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न्यायालय लोकन के दौरान इन बच्चों ने एडवोकेट हरीश पालीवाल के साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न न्यायालयों का अवलोकन कर वहां की जाने वाली कार्रवाई ओ से रूबरू हुए. इनके साथ श्रमिक संगठन की कार्यकर्ता श्रीमती लाली सुश्री पूजा एवं सुश्री लक्षिता जैन साथ रहे. बाद में इन बालिकाओं ने बार एसोसिएशन कार्यालय में पहुंचकर अध्यक्ष मनीष शर्मा से भी मुलाकात की. बार एसोसिएशन एवं नोटरी अधिवक्ता संगीता शर्मा की ओर से बच्चों को अल्पाहार की व्यवस्था की गई. न्यायालय की प्रक्रियाओं को देखकर तमाम बच्चों ने न्यायाधीशों के समक्ष उच्च शिक्षा अर्जित कर समाज के कर्णधार बनने का संकल्प लिया.

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