चीन का खुलासा- गलवान घाटी की ह‍िंसक झड़प में मारे गए थे 4 पीएलए सैनिक

पेइचिंग . वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के समीप गलवान घाटी में भारत के निहत्‍थे सैनिकों पर कटीले रॉड से हमला करने वाली चीनी सेना पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने पहली बार इस खूनी हिंसा में मारे गए सैनिकों की संख्‍या का ऐलान किया है. पीएलए ने दावा किया कि इस संघर्ष में उसके 4 सैनिक मारे गए थे और एक बुरी तरह से घायल हो गया था. चीनी सेना ने मारे गए सैनिकों के नाम भी जारी किए हैं. चीनी सेना ने भारतीय सेना पर पहले हुए समझौते की शर्तो के उल्‍लंघन का भी आरोप लगाया. चीन की सेना ने गलवान घाटी में भारतीय जवानों के हाथों मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और एक वीडियो भी जारी किया है. चीन ने मारे गए 4 सैनिकों के नाम भी बताए हैं. ये हैं-चेन होंगजून, चेन श‍िआंगरोंग, शियाओ सियुआन, वांग झुओरान. चीनी सेना ने कहा कि इन सैनिकों ने राष्‍ट्रीय संप्रभुता और अपनी जमीन की रक्षा करते हुए जान दे दी. मारे गए चीनी सैनिकों में एक बटैलियन कमांडर और तीन सैनिक थे. संघर्ष के दौरान चीनी सेना का रेजिमेंटल कमांडर गंभीर रूप से घायल हो गया था.

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चीन के सेंट्रल मिल‍िट्री कमिशन ने कि फाबाओ को ‘हीरो’ के अवार्ड से सम्‍मानित किया है. चीन ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना ने अवैध तरीके से गलवान घाटी में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा को पार किया था. चीनी सेना ने आरोप लगाया कि भारतीय सेना स्‍टील की ट्यूब, लाठी और पत्‍थरों से पीएलए के सैनिकों पर हमला किया. चीनी सेना के अखबार ने कहा, ‘अप्रैल 2020 से विदेशी सेना (भारत) ने पहले हुए समझौतों का उल्‍लंघन किया. वे सीमा में घुस आए ताकि सड़कें और पुल बनाया जा सके.’ चीनी सेना के अखबार ने कहा कि भारतीय सेना ने जानबूझकर उकसाया और सीमा पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश की. भारतीय सैनिकों ने बातचीत करने गए चीनी सैनिकों पर हमला भी किया. एक चीनी सैनिक ने अपनी डायरी में लिखा, ‘हमारे शत्रु (भारतीय सैनिक) संख्‍या में हमसे बहुत ज्‍यादा थे लेकिन हम घबराए नहीं. उनके पत्‍थर से हमले के बीच हमने उन्‍हें पीछे धकेल दिया.’

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पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून की रात खूनी हिंसा हुई थी. इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे और चीन ने यह नहीं बताया था कि उसके कितने सैनिक मारे गए थे. रूसी समाचार एजेंसी ने पिछले दिनों बड़ा खुलासा किया था. तास ने बताया कि इस हिंसा में कम से कम 45 चीनी सैनिक मारे गए थे. चीन ने केवल 4 सैनिकों के मारे जाने का यह खुलासा ऐसे समय पर किया है जब दोनों देश एक समझौते पर सहमत हुए हैं और अपनी सेना को पैंगोंग झील से हटा रहे हैं. हालांकि अभी भी देपसांग इलाके को लेकर तनाव बना हुआ है. इससे पहले चीन ने भारत के साथ बैठक में बताया था कि गलवान घाटी संघर्ष में उसके 5 सैनिक मारे गए थे. इसमें चीनी सेना का एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल था. चीन भले ही अभी 5 सैनिकों के ही मारे जाने की बात रहा हो लेकिन अमेरिकी और भारतीय खुफिया एजेंसियों का अनुमान है क‍ि कम से कम 40 चीनी सैनिक इस हिंसा मारे गए थे.

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बता दें कि गलवान हिंसा के समय भारत ने जहां अपने सैनिकों के मारे जाने की संख्‍या बताई, वहीं चीन ने अब तक उस पर चुप्‍पी साधे रखा था. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक उस समय चीन और अमेरिका के बीच एक अहम बैठक होनी थी, इस‍को देखते हुए चीन ने पूरी घटना को कम करके दिखाने की कोशिश की. इसी रणनीति के तहत चीन ने अपने हताहत सैनिकों की संख्‍या को जारी नहीं किया और पूरे मामले पर चुप्‍पी साधे रहा. इस बीच पीएलए के एक सोर्स ने बताया कि पेइचिंग अपने सैनिकों की मौत को लेकर ‘बेहद संवेदनशील’ है. उन्‍होंने कहा कि सैनिकों की मौत के आंकड़े को चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनफ‍िंग अपनी स्‍वीकृत करेंगे.

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