अमेरिका में चीनी जासूस महिला वैज्ञानिक गिरफ्तार, तीन और चीनी जासूसों की तलाश

अब अपने ही जाल में फंसा ड्रेगन, ट्रंप की चेतावनी कामयाब नहीं होने देंगे चीन की कोई भी चाल

वॉशिंगटन. अमेरिका में साजिश का चक्करव्यूह रचने वाला चीन अब खुद अपने ही जाल में फंस गया है. जांच एजेंसी एफबीआई ने शुक्रवार (Friday) और शनिवार (Saturday) की मध्य रात करीब 3 बजे जासूसी के आरोप में सैन फ्रांसिस्को की डिप्लोमैटिक फेसेलिटी से तांग जुआन (37) को गिरफ्तार कर लिया है. मीडिया (Media) रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां देश में तीन और चीनी जासूसों की तलाश कर रही हैं. इसके साथ ही अमेरिका के चीन के खिलाफ उसके दूतावास बंद करने के असली कारण अब सामने आ चुके हैं.

ह्यूसटन में चीनी दूतावास को बंद कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रेगन को चेतावनी दी है कि वे उसकी किसी भी चाल को कामयाब नहीं होने देंगे. अमेरिका स्थित चीनी दूतावासों की आड़ में चीन के सेन्य अधिकारी डिप्लोमैटिक स्टेटस का नाजायज इस्तेमाल कर जासूसी कर रहे हैं. देश की सीमाओं पर मौजूद अफसरों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है. गिरफ्तार चीनी वैज्ञानिक तांग जुआन का मूल पेशा जासूसी है. बीजिंग में इसने बायोलॉजी से ग्रेजुएशन किया व चीनी सेना के लैब में काम करने लगी. इसके बाद अमेरिकी अंदाज में अंग्रेजी बोलना सीखा और जासूसी की ट्रेनिंग ली. धोखाधड़ी से अमेरिकी वीजा लिया और न्यूयार्क पहुंच गई. मीडिया (Media) रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिक होना सिर्फ उसका टैग था और पार्ट टाइम जॉब था, जबकि असली मिशन अमेरिका की जासूसी था. तांग जुआन की दो फोटो अब सोशल मीडिया (Media) पर वायरल हो रही हैं. एक फोटो तब की है, जब तांग बीजिंग में चीनी सेना के लैब में काम करती थीं.

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इसी फोटो की वजह से उसकी असली पहचान उजागर हुई. और दूसरी फोटो प्रॉपर फीएलए यूनिफॉर्म में है. बताया गया है कि तांग को कई बार देश के अलग-अलग दूतावासों या डिप्लोमैटिक फेसेलिटी में जाते देखा गया. तांग खुद सोशल मीडिया (Media) पर नहीं थी, लेकिन, उसके एक दोस्त ने उसकी एक फोटोग्राफ फेसबुक पर शेयर कर दी. यह फोटो तब की थी जब तांग बीजिंग के आर्मी लैब में काम करती थी. एफबीआई ने शक पुख्ता होने पर तांग की निगरानी सख्त कर दी थी. तांग सैन फ्रांसिस्को, ह्यूस्टन और टेक्सॉस के चीनी कॉन्स्युलेट्स में न सिर्फ जाती रही, बल्कि यहां महीनों तक रही. जबकि न तो वो डिप्लोमैटिक मिशन का हिस्सा था और न ही उसका कोई रिश्तेदार वहां था.

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ह्यूस्टन के चीनी दूतावास में डॉक्युमेंट्स जलाने पर बढ़ा था शक:

ह्यूस्टन की चीनी दूतावास बंद करने के आदेश के तुरंत बाद उसी इमारत के पिछले हिस्से में डॉक्युमेंट्स जलाए गए थे. शक है कि इनमें कुछ कागजात ऐसे थे, जो तांग और बाकी चीनी जासूसों के नेटवर्क की जानकारी दे सकते थे. इसीलिए, शुक्रवार (Friday) को जब एफबीआई ने इस बिल्डिंग को खंगाला तो स्पेशल फोरेंसिक टीम ने कई सैम्पल लिए. मीडिया (Media) रिपोर्ट्स में बताया गया है कि एफबीआई को अब तांग के तीन और मददगारों की तलाश है. इनमें एक 27 साल की महिला बताई गई है. ये टेक्सॉस में रहती है. किसी का नाम अब तक साफ नहीं किया गया है.

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