चित्तौड़गढ़ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने महिला को रेस्क्यु कर जबरन शादी रूकवाई

चित्‍तौड़गढ़. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ एवं प्रयास संस्थान, चित्तौड़गढ़ द्वारा आपसी समन्वय से महिला सुरक्षा के अंतर्गत महिला की मर्जी के खिलाफ हो रही जबरन शादी रूकवाई गई.

प्राधिकरण सचिव भानु कुमार (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) द्वारा बताया गया कि दिनांक 12.06.2021 की रात 09 बजे प्रयास संस्थान के रामेश्वर शर्मा द्वारा महिला द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सूचना दी गई कि डुंगला क्षेत्र मे महिला की मर्जी के खिलाफ उसके घरवाले जबरन विवाह दिनांक 13.06.2021 को करवाने वाले है. प्रार्थना पत्र मे महिला ने बताया कि वह 23 वर्षीय होकर बालिग है तथा उसके परिवार वाले उसकी शादी के लिए लगातार दबाव बना रहे है इस वजह से बीते कई दिनों से वह काफी मानसिक तनाव मे है तथा घर मे असुरक्षित महसुस कर रही है. उसने लिखा कि उसे घर से निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाये. महिला ने पुलिस (Police) बयान मे जाहिर किया कि महिला ने स्नातक तक पढ़ाई की है तथा आगे भी पढ़ाई करना प्रार्थना पत्र मे जाहिर किया.

सूचना प्राप्त होते ही प्राधिकरण सचिव भानु कुमार द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए डुंगला थानाधिकारी संग्राम सिंह से जरिये दुरभाष वार्ता की गई तथा तुरंत नियमानुसार कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया. इसपर पुलिस (Police) द्वारा महिला को घर से रेस्क्यु कर थाने पर लेकर आये और उससे पुछताछ की गई जिसपर उसने जाहिर किया कि उसके माता-पिता ने वर्ष 2017 मे उसके ही समाज के व्यक्ति के साथ उसका विवाह कराया था लेकिन ससुराल वालों से विवाद होने के कारण 5-6 महिने बाद उसकी छुट चिट्ठी हो गई थी तब से वह अपने माता-पिता के पास ही रह रही है.

उसके माता-पिता अब उसकी दुसरी शादि करवाना चाहते है इसलिए वह अपने घर नहीं जाना चाहती है. तत्पश्चात महिला को सुबह करीब 10 बजे चित्तौड़गढ स्थित सांवलियाजी राजकीय अस्पताल मे संचालित ‘‘सखी वन स्टाॅप सेंटर’’ को सुपूर्द किया गया. सखी सेंटर की प्रभारी नीतू जोशी ने बताया कि महिला एवं उसके परिवार से काउंसलिंग की जायेगी.

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