Thursday , 28 January 2021

एनसीईआरटी की किताब पर उठा विवाद

गोरखपुर . उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में गोरखपुर के सेंट्रल स्कूल में सातवीं क्लास के बच्चों को गलत महाभारत पढ़ाई जा रही है. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताब में लिखा है कि जरासंध ने भगवान कृष्ण को युद्ध में हरा दिया था. इस वजह से कृष्ण को द्वारका जाना पड़ा था. किताब में लिखे इस पाठ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. गीता प्रेस और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर्स ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई है. उनका कहना है कि महाभारत में इस तरह का कोई जिक्र नहीं किया गया है.
किताब में क्या पढ़ाया जा रहा?

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सेंट्रल स्कूल में सातवीं क्लास के बच्चों को बाल महाभारत कथा नाम की किताब पढ़ाई जा रही है. यह किताब चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की लिखी महाभारत कथा का छोटा रूप है. इसमें युधिष्ठिर और भगवान कृष्ण के बीच बातचीत वाले हिस्से को लेकर है. किताब के मुताबिक, कृष्ण राजसूय यज्ञ के लिए युधिष्ठिर से चर्चा कर रहे थे. पेज नंबर 33 के अध्याय 14 में कृष्ण कहते हैं कि इस यज्ञ में सबसे बड़ी बाधा मगध देश का राजा जरासंध है. जरासंध को हराए बिना यज्ञ कर पाना संभव नहीं है. हम तीन साल तक उसकी सेनाओं से लड़ते रहे और हार गए. हमें मथुरा (Mathura) छोड़कर दूर पश्चिम द्वारका में जाकर नगर और दुर्ग बनाकर रहना पड़ा.

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जानकार बोले- महाभारत में इसका जिक्र नहीं

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी में प्राचीन इतिहास के प्रोफेसर राजवंत राव ने कहा कि एनसीईआरटी या किसी भी किताब में इस तरह के झूठ और शब्दों का इस्तेमाल सही नहीं है. जरासंध से भगवान कृष्ण के हारने का जिक्र महाभारत में नहीं है. हरिवंश पुराण या किसी दूसरी जगह भी इस तरह के तथ्य नहीं मिले. सभी जगह लिखा है कि कृष्ण आखिरी वक्त तक शांति के लिए कोशिश करते रहे.

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