बंटी सावरकर के फोटो वाली कॉपियां, प्राचार्य निलंबित

स्कूल में गत चार नवंबर को किया था कॉपियों का वितरण

भोपाल. प्रदेश के रतलाम जिले की शासकीय मलवासा हाईस्कूल में वीर सावरकर के फोटो छपी कॉपियां बांटी गई. इसकी गाज हाईस्कूल प्राचार्य के उपर गिरी. संभागायुक्त ने स्कूल के प्राचार्य आरएन केरावत को निलंबित कर दिया है. कॉपियों का वितरण वीर सावरकर हितार्थ जनकल्याण समिति द्वारा नि:शुल्क किया गया था. कॉपियों के दोनों तरफ सावरकर के फोटो और जीवनी के साथ ही एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) के पदाधिकारियों के फोटो छपे थे. कॉपियों का वितरण चार नवंबर को किया गया था, लेकिन शिकायत के बाद कार्रवाई अब की गई.

दरअसल, जिस समिति ने स्कूल में कॉपियां बांटी थी, उसके पदाधिकारी भाजपा समर्थक हैं. समिति ने ही कॉपी वितरण के फोटो और जानकारी फेसबुक पर अपलोड की थी. कमलनाथ विचार सद्भावना मंच के जिलाध्यक्ष इंदर सोनी ने फेसबुक पर फोटो और जानकारी देख प्रदेश कांग्रेस आईटी सेल को जानकारी दी. इस पर भोपाल से कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी तलब की गई. जिला शिक्षा अधिकारी ने 13 नंवबर को प्राचार्य केरावत से बिना अनुमति कॉपी वितरण कराने पर जवाब मांगा. प्राचार्य ने जवाब में छात्रहित में कॉपियां बंटवाने की बात कही. स्कूल में 83 विद्यार्थी को दो-दो कॉपियां वितरित की गई थी. संयुक्त मोर्चा सहित मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ प्राचार्य के समर्थन में आ गए हैं.

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संघ के प्रांतीय सलाहकार दीपक सुराना ने कहा कि प्राचार्य केरावत को निलंबित करना गलत है. सरकारी स्कूलों में आए दिन सामाजिक संस्थाएं और व्यक्ति पाठ्यपुस्तक वितरित करते हैं. इसे राजनीति से जोड़ना शिक्षकों में भय पैदा कर रहा है. बता दें कि 2010 में उत्कृष्ट शिक्षक का राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्राचार्य आरएन केरावत गणित के विशेषज्ञ हैं. वे राज्य स्तर पर भी राज्यपाल की ओर से सम्मानित हो चुके हैं. खास बात यह है कि शासन के मिशन समर्थ अभियान में एलईडी के माध्यम से केरावत के 36 वीडियो से ही 25 स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है. इस बारे में मलवासा शासकीय हाईस्कूल के प्राचार्य आरएन केरावत का कहना है कि छात्र हित में काम किया है, आगे भी करता रहूंगा. शासन की नजर में गलत है तो कार्रवाई स्वीकार है.

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एनजीओ द्वारा जिले के सभी स्कूलों में कार्य किए जाते हैं. उनका प्रकल्प समाज और छात्र हित में होता है. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा का कहना है कि किस आधार पर निलंबन किया यह पता नहीं, लेकिन बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया था. भोपाल से जानकारी कलेक्टर के पास आई थी. स्कूल में आयोजन की अनुमति लेना जरूरी है. उधर वीर सावरकर हितार्थ जनकल्याण समिति संस्थापक प्रभु नेका का कहना है कि कलेक्टर द्वारा स्कूलों में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है. दूसरी तरफ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, जो कि गलत है. समिति सभी स्कूलों में बच्चों को निशुल्क कॉपियां व अन्य सामग्री बांटती आ रही है.

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