गुजरात के 20 शहरों में आज से 30 अप्रैल तक रात्रि 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू

अहमदाबाद (Ahmedabad) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) विजय रूपाणी ने मंगलवार (Tuesday) रात गांधीनगर (Gandhinagar) में कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक के बाद कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में गुजरात (Gujarat) सरकार पूरे जोश के साथ कार्य कर रही है. पूरे देश के साथ-साथ गुजरात (Gujarat) में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, तब राज्य सरकार (State government) टेस्टिंग और ट्रैकिंग को और प्रभावी बनाएगी.

मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि हाईकोर्ट के मार्गदर्शन और सुझाव के अनुसार बुधवार (Wednesday) , 7 अप्रैल से 30 अप्रैल तक गुजरात (Gujarat) के चार महानगरों के अलावा सभी महानगर पालिका सहित राज्य के 20 बड़े शहरों, जहां कोरोना मामलों की संख्या अधिक है, वहां रात्रि 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू किया जाएगा. राज्य में सभी राजनीतिक और सामाजिक समारोहों को स्थगित करने का निर्णय किया गया है. किसी भी कार्यक्रम में 50 से अधिक व्यक्तियों को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

गांधीनगर (Gandhinagar) महानगर पालिका क्षेत्र और मोरवा हड़फ क्षेत्र में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. यही नहीं, अप्रैल महीने के दौरान राज्य सरकार (State government) के सभी कार्यालय सभी शनिवार (Saturday) को भी बंद रहेंगे. सरकारी कार्यालयों में आने वाले आवेदक भी उनका कार्य महत्वपूर्ण होने पर ही सरकारी कार्यालय जाएं. उन्होंने सामान्य या कम महत्व के कार्यों के लिए सरकारी दफ्तर जाने से बचने का अनुरोध भी किया. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने गुजरात (Gujarat) के नागरिकों से अपील की है कि बेहद जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें. नागरिक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और सभी लोग अपनी गतिविधियां नियंत्रित करें, तभी हम कोरोना के संक्रमण को आगे बढ़ने से रोक पाएंगे. उन्होंने कहा कि मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है और उसके सख्त अमल के लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं.

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कोर कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि आज कोर कमेटी के सदस्यों ने सूरत (Surat) की स्थिति की समीक्षा करने सूरत (Surat) महानगर का दौरा किया था. सूरत (Surat) के पदाधिकारियों, अधिकारियों, डॉक्टर, सूरत (Surat) के सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और महापौर के साथ एक बैठक कर विस्तृत समीक्षा के बाद सूरत (Surat) में कोरोना के संदर्भ में कई निर्णय किए गए. सूरत (Surat) से गांधीनगर (Gandhinagar) वापस लौटने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की. भारत सरकार की ओर से गुजरात (Gujarat) को लगातार मार्गदर्शन मिल रहा है. केंद्र सरकार (Central Government)गुजरात (Gujarat) की चिंता कर रही है और अमित शाह की ओर से भी विशेष मार्गदर्शन मिल रहा है. रूपाणी ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से पर्याप्त मदद मिल रही है.

केंद्र सरकार (Central Government)के विशेषज्ञ डॉक्टरों (Doctors) की एक टीम खास तौर पर गुजरात (Gujarat) आएगी और कोरोना के संदर्भ में मार्गदर्शन देगी. कोर कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णयों के संबंध में अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि गुजरात (Gujarat) में टेस्टिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाएगा. आरटीपीसीआर टेस्टिंग की संख्या में काफी वृद्धि की जाएगी, ताकि कोरोना मामलों का पता लगाकर तेजी से उपचार हो सके और हम कोरोना मुक्त गुजरात (Gujarat) बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकें. उसी तरह, ट्रेसिंग पर भी विशेष जोर देना निर्धारित किया है. कोरोना संक्रमित व्यक्ति पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान जिनके संपर्क में आया हो ऐसे व्यक्तियों को भी ढूंढकर उनकी टेस्टिंग करने और तेजी से उपचार को सुनिश्चित किया जाएगा.

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कंटेन्मेंट जोन का भी सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं. इस संबंध में पुलिस (Police) को जवाबदारी सौंपी गई है. मनपा आयुक्तों और कलक्टरों द्वारा तय किए गए क्षेत्रों में माइक्रो कंटेन्मेंट जोन बनाकर नागरिकों की आवाजाही पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि राज्य में रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए 3 लाख इंजेक्शन का राज्य सरकार (State government) ने ऑर्डर दिया है और उसकी तेजी से सप्लाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं.

राज्य के सरकारी अस्पतों में रेमडेसिविर इंजेक्शन निःशुल्क दिए जाएंगे जबकि निजी अस्पतालों में न लाभ, न हानि यानी उचित मूल्य पर राज्य सरकार (State government) की ओर से इंजेक्शन मुहैया कराए जाएंगे. दो दिन में सूरत (Surat), वडोदरा, अहमदाबाद (Ahmedabad) और राजकोट (Rajkot) सहित हर जिले में इंजेक्शन की खेप पहुंचा दी जाएगी. राज्य में ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोतरी हुई है, तब राज्य सरकार (State government) ने आज राज्य में होने वाले ऑक्सीजन के उत्पादन में से 70 फीसदी हिस्सा कोरोना के संदर्भ में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं. वहीं, शेष 30 फीसदी ऑक्सीजन का उपयोग औद्योगिक उद्देश्य के लिए किया जा सकेगा. राज्य के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए व्यापक योजना बनाई गई है. छोटे नर्सिंग होम को भी माइल्ड और एसिंप्टोमेटिक मरीजों का उपचार करने की छूट दी गई है. हरेक जिले में नर्सिंग होम में ज्यादा से ज्यादा लोगों को सहूलियत के साथ उपचार उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है. कोविड केयर सेंटर, समरस हॉस्टल या सामुदायिक हॉल में उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं.

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मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि सूरत (Surat) में 800 बिस्तरों की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, जो कल से कार्यरत हो जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार (State government) द्वारा आगामी 30 अप्रैल तक राज्य के अहमदाबाद (Ahmedabad), सूरत (Surat), वडोदरा, राजकोट (Rajkot), जामनगर, भावनगर, सुरेन्द्रनगर, जूनागढ़, गांधीनगर (Gandhinagar) , आणंद, नड़ियाद, महेसाणा, गांधीधाम, भुज, मोरबी, पाटण, गोधरा, दाहोद, भरुच और अमरेली सहित कुल 20 नगरों में रात्रि कर्फ्यू लागू करने का निर्णय किया गया है. कल से इन नगरों में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक का कर्फ्यू प्रभावी होगा.

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है. हाईकोर्ट के मार्गदर्शन और सुझाव के अनुसार राजनीतिक और सामाजिक समारोह के आयोजन आगामी 30 अप्रैल तक स्थगित किए गए हैं. इससे पूर्व राज्य सरकार (State government) द्वारा विवाह समारोह में 200 व्यक्तियों की अनुमति दी गई थी, जिसे घटाकर अब 100 व्यक्तियों की मंजूरी दी जाएगी.

उन्होंने कहा कि राज्य के कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) में भी किसानों को संक्रमण से बचाने के लिए विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है जिसका सख्ती से पालन करना होगा. राज्य के सचिवों को सभी जिलों में प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी सौंप दी गई है और वे सौंपे गए जिलों में पूर्णकालिक रूप से कार्य करेंगे. उन्हें सरकार के मौजूदा कामकाज से आंशिक मुक्त करने के आदेश दे दिए गए हैं.

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