गंदा मास्क दे सकता है कई बीमारियां – साफ मास्क पहनना सबसे ज्यादा जरूरी

नई दिल्ली (New Delhi) . एक्सपर्ट के अनुसार मास्क की सफाई और उसे बदलने को लेकर लोगों में जागरूकता का अभाव है. कई लोग लंबे समय तक एक ही मास्क का उपयोग करते हैं, तो कुछ लोग मास्क की सफाई तक नहीं करते है. विशेषज्ञों के अनुसार मास्क पहनने से ज्यादा जरूरी है साफ मास्क पहनना. गंदा मास्क आपको कोरोना से बचाने की बजाय आपको कई अन्य बीमारियों की जद में ले जाएगा.

इन दिनों काफी लोग ऐसे हैं] जो डिस्पोजेबल मास्क को भी दो से पांच दिन तक इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं कपड़े के मास्क को नहीं बदलना, 10 से 15 दिनों के अंतराल पर धोने से भी यह समस्याएं बढ़ रही है. साथ ही एक ही मास्क बहुत अधिक लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. गंदे मास्क से गले में दर्द, पेट संबंधी बीमारियां, गले में खिचखिच, अपच और सांस संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं. साफ मास्क सांसों को बाहर निकालते हैं और उससे हवा भी अंदर आती हैं, लेकिन मास्क को लंबे समय तक इस्तेमाल करने और न धोने की वजह से मास्क के छिद्र गंदगी से भर जाते हैं और इस तरह के मास्क शरीर के ऑक्सिजन स्तर में कमी ला सकते हैं. आपको घुटन की समस्या अधिक हो सकती है.

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यदि मास्क पहनने से गले में समस्या आ रही है तो समझ जाइए कि मास्क साफ नहीं है. वह कीटाणुओं से भर गया है. यह कीटाणु ही आपके गले में परेशानी कर रहे हैं. मास्क पहनने से खांसी की समस्या नहीं होती है, लेकिन गंदा मास्क पहनने से गले की समस्या हो सकती है. खांसी से बचना है तो अपने मास्क की सफाई का विशेष ध्यान रखें. मास्क को सादे पानी में धोना काफी नहीं है. मास्क को धोने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करें. 5 से 10 मिनट के लिए उसे पानी में डुबोकर रख दें. इसके बाद साबुन से धोएं. 4 से 5 घंटे तक तेज धूप में सूखने दें. यदि घर में धूप नहीं आती है तो मास्क को गर्म पानी से धोने के बाद 15 मिनट डिटॉल में भिगोकर रख दें और फिर सुखाएं.

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गीले मास्क का उपयोग न करें, इससे कीटाणु पनप सकते हैं. मास्क के सूखने के बाद इसे 3-4 मिनट तक प्रेस करें. मास्क को बार बार हाथ लगाने से बचें. हर इस्तेमाल के बाद मास्क को धोना जरूरी है.ब्लैक फंगस की एक वजह गंदा और बिना धुला मास्क है. हालांकि इसकी मुख्य वजह अब भी स्टेरॉइट का अनुचित इस्तेमाल ही है. हमारी नाक और नेसोफिरिंजियल में म्यूकर होते हैं. जब व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है तो ये म्यूकर बढ़ना शुरू हो जाते हैं और संक्रमण पैदा करते हैं. इससे नाक से खून रिसना और आंखों में सूजन जैसे लक्षण आते हैं.

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