जानवरों के विलुप्त होने और मानव के विकास के बीच खोजा संबंध

जानवरों का विनाश जिम्मेदार था मानव के विकसित होने में

लंदन . ताजा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने मानव विकास और विशाल जानवरों के विलुप्त होने के बीच का कनेक्शन खोजा है. इजराइल की तेल अबीब यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विशाल जानवरों के विलुप्त होने और मानव प्रजाति के विकास के बीच संबंध निकाल लिया है. अध्ययन में पाया गया ह कि चूंकि 200 किलोग्राम से ज्यादा भार वाले विशालकाय जानवर विलुप्त हो गए थे, मानव ने भी धीरे-धीरे छोटे जानवरों का शिकार करना शुरू किया. इस वजह से मानवों का मस्तिष्क के आकार बढ़ोत्तरी होने लगी. वह 650 सीसी से 1500 सीसी हो गया.

यूनिवर्सिटी के पुरात्व विभाग के दो शोधकर्ता डॉ मिकी बेन डोर और प्रोफेसर रान बार्काई ने यह इस सिद्धांत को प्रतिपादित किया है. इसके मुताबिक प्लेइस्टोसीन युग में मानवों का विकास इसलिए संभव हो सका क्योंकि उस समय शिकार होने वाले जानवरों का आकार कम होता जा रहा था. शोध के मुताबिक छोटे शिकार करने करने से मानव चतुर और साहसिक बर्ताव विकसित करने के लिए बाध्य हुए. इसी की वजह से भाषा का विकास हो सका जिससे शिकारी शिकार की मौजूदगी संबंधी संचार करने में सक्षम हो सके. शुरुआत में मानव अपनी उच्च ऊर्जा स्तरों के लिए विशाल जानवरों का शिकार करते थे.

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अफ्रीका में हाथियों के प्रजातियों की मौजूदकी के आकंड़ों का विश्लेषण करने पर शोधकर्ताओं ने पाया कि इस इलाके में पहले हाथियों की कम से कम छह प्रजातियां रहा करती थीं. लेकिन प्रमाण दर्शाते हैं कि हाथियों की प्रजातियों मे कमी आने के बाद ही पूर्वी अफ्रीका में मानव प्रजाति का उदय हुआ. डॉ बेन डोर का कहना है कि छोटे जानवरों के शिकार ने मानव मस्तिष्क के कार्यों पर लंबा उद्भव दबाव डालने का काम किया.

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उन्होंने इसे समझाते हुए बताया कि पहले इंसान को एक ही हाथी का शिकार करना होता था, लेकिन इनकी प्रजातियों के विलुप्त होने के साथ मानवों को दर्जनों चरने वाले जानवरों मारना पड़ा. इससे उनकी ऊर्जा और विचारों का उपयोग बहुत बढ़ने लगा. शोध के मुताबिक कृषि क्राति भी इसी लिए हुई क्योंकि मानव ऊर्जा की शिकार में बहुत ज्यादा खपत हो रही थी और वे छोटे जानवरों को खाने से बहुत कम ऊर्जा हासिल कर पा रहे थे. इसलिए पाषाण युग के अंत तक कृषि क्रांति हुई और मानव मस्तिष्क का आकर आज के आकार तक घटकर रह गया जो 1300 -1400 सीसी तक है. उस समय खेती के कारण वे स्थायी आवास में आ गए थे.

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कहा जाता है कि आज से 6.6 करोड़ साल पहले धरती पर विशालकाय जीवों का राज था जिसके बाद एक महाविनाश की घटना से दुनिया के 75 प्रतिशत जीवन सहित बड़े जानवर विलुप्त हो गए और उसके बाद धीरे धीरे मानवों को पूर्वज विकसित हुए जिसके बाद मानव प्रजाति विकसित हो सकी. लेकिन मानवों का अस्तित्व आते-आते भी हाथी जैसे बड़े जानवर बड़ी संख्या में थे. लेकिन ये भी धीरे धीरे कम होते गए और उसी दौरान मानव का विकास भी तेजी से हुआ.

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