Thursday , 28 January 2021

ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजान मुकेश अंबानी को वॉकओवर देने के मूड में नहीं

– ऐमजॉन ने रिलायंस रीटेल और फ्यूचर ग्रुप के सौदे के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी

नई दिल्ली (New Delhi) . जेफ बेजोस (की अगुवाई वाली प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी ऐमजॉन भारत के रीटेल सेक्टर में मुकेश अंबानी को वॉकओवर देने के मूड में नहीं हैं. ऐमजॉन ने रिलायंस रीटेल और फ्यूचर ग्रुप के सौदे के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. कोर्ट ने कहा था कि फ्यूचर रीटेल लिमिटेड के एसेट्स को खरीदने के लिए रिलायंस रीटेल के डील में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन ऐमजॉन ने इस चुनौती देते हुए कहा है कि सिंगल जज बेंच का फैसला सही नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए. ऐमजॉन ने इस बारे में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की. पिछले महीने हाई कोर्ट ने फ्यूचर रीटेल लिमिटेड की याचिका को खारिज कर दिया था. कंपनी ने रिलायंस के साथ उसकी डील में ऐमजॉन को हस्तक्षेप करने से रोकने की मांग की थीद्व लेकिन कोर्ट ने साथ ही कहा कि यह सौदा एकदम खरा है. कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता करार प्रमोटर कंपनी फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड और ऐमजॉन के बीच था. यह ऐमजॉन और फ्यूचर रीटेल लिमिटेड के बीच नहीं था. इसे फ्यूचर ग्रुप की दूसरी कंपनियों के साथ जोड़ना विदेशी विनिमय कानूनों का उल्लंघन होगा.

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‎सिंगापुर इंटरनेशनल अर‎बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) ने पिछले साल नवंबर में ऐमजॉन की याचिका पर अपने अंतरिम फैसले में कहा था कि आ‎खिरी फैसला आने तक फ्यूचर-रिलायंस सौदे को रोक दिया जाना चाहिए. ऐमजॉन को डर है कि दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला सिंगापुर में आर्बिट्रेशन प्रॉसीडिंग को प्रभावित कर सकता है. कंपनी ने अपनी ताजा याचिका में कहा है कि इस विवाद पर भारत में सिविल कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकती है और इसे सिंगापुर के आर्बिट्रेशन पैनल के हवाले किया जाना चाहिए.

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इससे पहले ऐमजॉन ने मार्केट रेग्युलेटर सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों से भी फ्यूचर-रिलायंस डील की समीक्षा करने को कहा था. कंपनी का तर्क है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला दिया है और इसलिए इस सौदे को रोका जाना चाहिए. ऐमजॉन ने साथ ही फ्यूचर रीटेल लिमिटेड पर हाई कोर्ट के आदेश की गलत ब्याख्या करने का भी आरोप लगाया है. ऐमजॉन की फ्यूचर रीटेल लिमिटेड में 5 फीसदी हिस्सेदारी है. यह हिस्सेदारी फ्यूचर कूपंस प्राइवेट लिमिटेड के जरिए है जिसमें ऐमजॉन का 49 फीसदी ‎हिस्सा है. अमेरिकी कंपनी ने 2019 में 1500 करोड़ रुपए में यह हिस्सेदारी खरीदी थी. फ्यूचर ग्रुप ने अगस्त 2020 में अपनी सारी रीटेल संपत्ति 25000 करोड़ रुपए में बेचने के लिए रिलायंस के साथ सौदा किया था. इसके बाद से ही फ्यूचर और ऐमजॉन में ठनी हुई है. ऐमजॉन ने फ्यूचर पर उसके साथ हुए एग्रीमेंट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

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