कोयला घोटाला मामले में ईडी की बंगाल में ताबड़तोड़ छापेमारी

कोलकाता (Kolkata) . बंगाल विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) से पहले कोयला घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार (Monday) को बंगाल के कई इलाकों में छापेमारी की है. ईडी के अधिकारी हुगली में बिजनेसमैन गणेश बगादिया और सिंह भाइयों के घर पर छापेमारी कर रहे हैं.बताया जा रहा है कि बगादिया और नीरज सिंह अनूप माझी उर्फ लाल के करीबी हैं, जोकि पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है और विनय मिश्रा का करीबी है. ईडी के अधिकारी हुगली के अलावा, कोलकाता (Kolkata) , उत्तर 24 परगना, आसनसोल, दुर्गापुर, बर्दमान जैसे शहरों में छापेमारी कर रहे हैं.

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इसके पहले, CBI ने पिछले साल के अंतिम दिन कोयला घोटाले के मामले में चल रही जांच के सिलसिले में कारोबारी और युवा तृणमूल कांग्रेस के नेता विनय मिश्रा, व्यवसायी अमित सिंह और नीरज सिंह के तीन आवासों पर छापे मारे थे. हालांकि, छापे के दौरान कोई भी घर पर मौजूद नहीं था. मिश्रा समेत अन्य के नाम पर नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें सभी से 4 जनवरी को कोलकाता (Kolkata) स्थित CBI दफ्तर में पूछताछ के लिए उपस्थित रहने के लिए कहा गया था. मामले में आरोप लगाया गया है कि अवैध रूप से खनन किए गए कोयले, जिसकी कीमत कई हजार करोड़ रुपये है, उस पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पश्चिमी हिस्सों से चलाए गए एक रैकेट द्वारा कई वर्षों तक ब्लैक मार्केट में बेचा गया है. इस मामले में, दिसंबर के शुरुआती हफ्तों में CBI ने कोलकाता (Kolkata) के सीए गणेश बगारिया के दफ्तर में भी छापा मारा था.

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बता दें कि सितंबर में जांच शुरू होने के बाद से, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आरोप लगाती रही है कि बिक्री से प्राप्त पैसे को शेल कंपनियों के द्वारा सफेद कर टीएमसी को दिया गया. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि मुख्य फायदा अभिषेक बनर्जी जोकि मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी के भतीजे हैं, उन्हें हुआ है. बता दें कि अभिषेक बनर्जी टीएमसी की युवा विंग के अध्यक्ष भी हैं और 15 जुलाई को उन्होंने मिश्रा समेत 15 महासचिवों की नियुक्ति की थी.

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