भारतीय सुरक्षा बलों से खौफ में पाकिस्तानी आंतकी, सरहद पार लांच पैड्स छोड़कर भागे

नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय सुरक्षा बलों की ओर से घुसपैठियों और आतंकवादियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का लाइन ऑफ कंट्रोल के पार भी असर दिखने लगा है. आतंकवादियों में भारतीय सुरक्षा बलों का इतना खौफ है कि वे भारत में घुसपैठ के लिए लांच पैड्स पर आने से कतराने लगे हैं.इसके बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए आतंकवादियों को घुसपैठ के लिए भेजना मुश्किल हो रहा है.

सुरक्षाबलों की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है कि सरहद के पार लांच पैड्स पर नए साल में आतंकियों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई है. सूत्रों के मुताबिक लांच पैड्स पर सिर्फ 108 आतंकी जनवरी के महीने में दिखाई दिए है. जम्मू (Jammu) बॉर्डर के सामने उस तरफ 103 और कश्मीर घाटी के सक्रिय लांच पैड पर सिर्फ 5 आतंकी मौजूद हैं.

भारतीय खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना और बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने जिस बड़े पैमाने पर आतंकियों के खिलाफ पिछले महीनों में ऑपरेशन छेड़ा, उससे पाकिस्तान की सेना और आईएसआई की नींद उड़ी हुई है. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि आतंकियों में भारतीय सुरक्षा बलों की कार्रवाई का इतना खौफ है कि वहां लॉन्च पैड्स का नाम सुनने से भी दूर भाग रहे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक कश्मीर घाटी में तंगधार सेक्टर के सामने लश्कर और जैश के सिर्फ 5 आतंकवादी ही मौजूद हैं. इन्हें “लुम्बिरान लांच पैड पर इकट्ठा किया गया है, लेकिन ये वहां से भी भागने की फिराक में हैं.

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कश्मीर घाटी की तुलना में जम्मू (Jammu) सेक्टर में सरहद पार आतंकवादियों का अधिक जमावड़ा है. जम्मू (Jammu) सेक्टर में पुंछ, कृष्णा घाटी, बिम्बर गली, नौशेरा, सुंदरबनी हीरानगर, अखनूर और अरनिया सेक्टर के सामने स्थित लांच पैड्स पर ये आतंकी इकट्ठा है. रक्षा जानकार मानते हैं कि कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों ने जिस तरीके से आतंकियों की कमर तोड़ी है, उसके बाद सरहद पार से आतंकी जम्मू (Jammu) के रास्ते से घुसपैठ की फिराक में हैं. हालांकि यहां भी आतंकियों की संख्या कम है. जो चार्ट मौजूद है उसके मुताबिक पुंछ सेक्टर के सामने मौजूद 5 लॉन्च पैड्स पर जनवरी के महीने में सिर्फ 21 आतंकी मौजूद थे, वही पिछले साल दिसंबर के महीने में इसी जगह लॉन्च पैड पर 29 आतंकवादी मौजूद थे. अगर पिछले साल जनवरी की बात की जाए,तब यहां 71 आतंकवादियों का भारी जमावड़ा था.

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इसी तरह बिम्बर गली सेक्टर के सामने मौजूद 4 लांच पैड्स पर पिछले साल जनवरी 2020 में 177 आतंकवादी मौजूद थे. जनवरी 2021 में इन चार लॉन्च पैड्स पर सिर्फ 30 आतंकी ही बचे हैं. ख़ुफ़िया सूत्रों के मुताबिक कुल मिलाकर बात की जाए तो इस साल जनवरी-फरवरी में सरहद पार 108 आतंकवादियों का मूवमेंट नोटिस किया गया है. पिछले साल जनवरी के महीने में इन लांच पैड्स पर 450 से ज्यादा आतंकवादियों का मूवमेंट देखा गया था.

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सूत्र बताते हैं कि जनवरी-फरवरी में लांच पैड्स पर आतंकवादियों की संख्या कम देखी गई, इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि फरवरी के महीने में एफएटीएफ की मीटिंग होनी थी. हालांकि पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को लेकर अपना अलग चेहरा दिखाने की कोशिश कामयाब नहीं हुईं और एफएटीएफ का उसके खिलाफ सख्त रुख बना रहा.

वहीं भारतीय सुरक्षा एजेंसियां को आशंका है कि मार्च-अप्रैल में बर्फबारी के बाद पहाड़ी रास्ते खुल जाएंगे और बर्फ पिघल जाएगी तब पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवादियों की भारी घुसपैठ की कोशिश कर सकता है. हालांकि पाकिस्तान के साथ सीजफायर का समझौता जरूर हुआ है पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं ले रही हैं. किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए वे 24 घंटे अलर्ट पर है.

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