हरियाणा में विदेशी निवेशकों के लिए पहले आओ-पहले पाओ की योजना


चंडीगढ़ (Chandigarh). कोरोना महामारी (Epidemic) के पश्चात विदेशों से अपनी विनिर्माण इकाईयों को स्थानातंरित करने वाली इच्छुक कपंनियों को आकर्षित करने के लिए हरियाणा (Haryana) राज्य औद्योगिक एवं अवसरंचना विकास निगम (एचएसआईडीसी) अपनी औद्योगिक संपदाओं में ‘‘पहले आओ-पहले पाओ के तहत पट्टे (लीजहोल्ड) के आधार पर औद्योगिक प्लाटों के आंबटन के लिए एक नई अभिनव नीति लाने के लिए तैयार है.

इस नीति के तहत, किसी कंपनी की एक विनिर्माण इकाई विदेश में कम से कम एक वर्ष की अवधि के लिए अर्थात 1 जनवरी, 2020 तक वाणिज्यिक उत्पादन में रही हो, आवेदन करने के लिए पात्र होगी. इस आशय का निर्णय हरियाणा (Haryana) राज्य औद्योगिक एवं अवसरंचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईडीसी) की 362वीं बोर्ड बैठक में लिया गया, जो मुख्यमंत्री (Chief Minister) के प्रधान सचिव और एचएसआईआईडीसी के चेयरमैन राजेश खुल्लर की अध्यक्षता में आयोजित हुई.

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राजेश खुल्लर ने कहा कि लैंड ऑन लीज की यह बेहतरीऩ नीति निवेशकों को शुरू में बिना किसी पूंजी निवेश के लीज पर ली गई भूमि पर काम करने और उसके बाद कुछ नियम और शर्तों के अंतर्गत इसे फ्री-होल्ड एसेट में परिवर्तित करेगी. हरियाणा (Haryana) में व्यापार करने की लागत में कटौती करने की यह पहल मुख्यमंत्री (Chief Minister) श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में विदेशी निवेशकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निवेश को आकर्षित करने के लिए आयोजित बैठकों की श्रृंखला के माध्यम से संभावित निवेशकों से प्राप्त इनपुट के मदेनजर तैयार की गई है.

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गत 6 से 8 मई, 2020 तक कई निवेशकों और कंपनियों के साथ तीन दिवसीय वेबिनार आयोजित किया गया. एचएसआईआईडीसी के एमडी और संभावित निवेशकों के बीच वन-टू-वन बैठक और सप्ताह में प्रत्येक सोमवार (Monday), बुधवार (Wednesday) और शुक्रवार (Friday) को दोपहर 3.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक नियमित बैठकों को बढ़ावा देने के लिए एक बर्चुअल वेब डेस्क भी तैयार किया गया है.

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बोर्ड ने एक ऑटो परियोजना के निर्माण के लिए फरीदाबाद के आईएमटी में 1.8 एकड़ की भूमि को आबंटित करने के लिए भी मंजूरी दी, जिसमें 109.46 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश और 617 व्यक्तियों को रोजगार मिलने की संभावना है और इसके लिए गत 30 अप्रैल, 2020 को ई-नीलामी आयोजित की गई थी. बैठक में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव ए.के. सिंह, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल और एचएसआईआईडीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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