भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय खनन को आधुनिक तकनीक प्रदान करने के उद्धेश्य से प्रदेश का पहला प्लांट भीलवाड़ा में होगा स्थापित

भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय खनन और टनल निर्माण में सुरक्षा उत्पादों को उपलब्ध कराने के उद्धेश्य से प्रदेश का पहला प्लांट भीलवाड़ा में स्थापित होगा. बेहतरीन तकनीक और अंर्तराष्ट्रीय पहचान के साथ इस प्लांट को रूनाया मेट्सोर्स और मिनोवा इंटरनेशनल मिल कर शुरू करेगें. इस ज्वाइंट वेंचर से पूरे विश्व में खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर और टनल निर्माण  में सुरक्षा मानकों में आवश्यक उत्पादों की आपूर्ति करेगा. एमआरपीएल वर्तमान में राजस्थान (Rajasthan) के रिको ग्रोथ सेंटर हमीरगढ़ भीलवाड़ा में प्लांट का निर्माण कर रहा है जो रॉक बोल्ट, रेसिन कैप्सूल, इंजेक्शन केमिकल, वायर मेश और उच्च गुणवत्ता वाले वेंटिलेशन सिस्टम सहित उत्पादों का निर्माण करेगा. जनवरी 2021 से इस संयत्र में उत्पादन शुरू होगा जो कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार प्रबंधन में सक्षम होगा. इससे 450 करोड़ रूपयों के राजस्व के साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लगभग 2000 से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेगा.

  जिलेट का तीन ब्लेड्स के साथ नया गार्ड 3 लॉन्च

रूनाया तेजी से विकसित होने वाला उत्पादक स्टार्ट-

अप है जो देश में अग्रणी उपक्रमों के लिए विश्व स्तर पर पहचान रखने वाले उद्योगपतियों संबंध रखते है. वेदांता की अगली पीढ़ी युवा उद्यमियों के नेतृत्व में यह प्रारंभ किया जा रहा है जिन्हें अनुभवी उद्यम दिग्गजों का मार्गदर्शन प्राप्त है. रूनाया द्वारा स्थापित इस संयंत्र में अत्याधुनिक प्रक्रियाओं और तकनीक पर आधारित प्रोजेक्ट शामिल होगें.

मिनोवा ओरीका की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है जो कि 6 बिलियन आस्टेªेलियन डाॅलर के साथ खनन सहायता प्रणाली और एक्सप्लोजिव में विश्व स्तर पर प्रतिनिधित्व करती है.  एमआरपीएल के चैयरमेन एवं रुनाया मेट्ससोर्स के सीईओ नैवेद्य अग्रवाल ने कहा कि ंरूनाया की योजना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जुडकर मुख्य रूप से तकनीकी सामग्री और निर्माण उत्पादों को उच्च तकनीक के माध्यम से उपलब्ध कराने की है. हमें उम्मीद है कि इससे हम सुरक्षा मानकों और परिचालन दक्षता में बढ़ोतरी और बदलाव लााने में सक्षम होगें.

  कोविड-19 महामारी ने भारतीयों को अधिक बचत करने के लिये किया प्रेरित : सर्वे

अग्रवाल ने कहा कि “भीलवाड़ा में इस प्रकार का पहला संयंत्र सरकार (Government) के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के साथ वें उत्पाद और सुविधा उपलब्ध कराएगा जो अब तक आयात किए जाते है. मिनोवा इंटरनेशनल लिमिटेड के अध्यक्ष, ह्यूग पेलहम, ने कहा, कि “मिनोवा के लिए, यह संयुक्त उद्यम हमारी वैश्विक विकास नीति के निष्पादन में एक महत्वपूर्ण कदम है. हमारा उद्देश्य यह है कि यह संयंत्र न केवल स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों के साथ भारतीय मांग को पूरा करेगा, बल्कि हमें इस नए स्थापित स्थान से अपने प्रमुख उत्पादों को अन्य प्रमुख वैश्विक बाजारों में आपूर्ति करने में सहायता करेगा. हम रूनाया के साथ हमारें अग्रणी उत्पादों की मजबूत मांग को पूरा करने के लिए साझेदारी से खुश है. हमारी विश्व स्तरीय तकनीक से उपलब्ध कराए गये उत्पादन ग्राहकों को संरचनाओं को गिरने से रोकने, स्थिर करने और मरम्मत करने में मदद करेगा.

  स्टील स्ट्रिप्स को अमेरिका से 1.77 करोड़ रुपये का आर्डर मिला

Check Also

रिलायंस को नई ऊर्जा कंपनी में बदलने के लिए 15 वर्षीय योजना

रिपोर्ट में आरआईएल का इरादा 2035 तक कार्बन शून्य कंपनी बनने का है नई दिल्ली …