अस्पतालों में बेड की उपलब्धता की जानकारी कोरोना एप की मदद से प्राप्त करें: सीएम केजरीवाल

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा कि हम नवंबर के महीने में एक पिक देख चुके हैं. नवंबर के महीने में जो पिक आई थी, उसमें 8,500 मामलों की थी. आज हम 10700 केस भी को पार कर चुके हैं. यह पिक नवंबर से भी ज्यादा खतरनाक है. कल मैं एलएलजेपी अस्पताल में जाकर मुआयना किया था. सभी डॉक्टर्स और नर्सेज से बात हुई और मैने तैयारियों का जायजा लिया.

मैं पूरे दिल्ली वासियों की तरफ से अपने डॉक्टर, नर्सेज, पैरामेडिक्स स्टाफ, सबको हाथ जोड़कर सलाम करना चाहता हूं और उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं कि वे लोग पिछले एक साल से लगे हुए हैं. अभी भी वे लोग पूरी तन्मयता के साथ लगे हुए हैं. हम पूरी तरह से अस्पताल प्रबंधन पर ध्यान दे रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में कुछ लोगों के मेरे पास मैसेज आए कि उन्हें अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है. हमने पहली लहर के दौरान जून के महीने में अस्पताल में बेड की उपलब्धता को लेकर एक एप जारी किया था. वह एप आज भी काम कर रहा है. अगर आपको कोरोना हो गया है और अस्पताल जाने की जरूरत है, तो किस अस्पताल में बेड उपलब्ध है, वह आप एप पर जाकर देख सकते हैं. मेरी अपील है कि सभी लोग मोबाइल में एप डाउनलोड कर लें. एप से आपको पता चल जाएगा कि किस अस्पताल में बेड उपलब्ध है.

वही दूसरी बात, कुछ लोग सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों की तरफ दौड़ रहे हैं. प्राइवेट अस्पतालों में बेड थोड़ा कम होते हैं. पिछले 5 साल में ‘आप’की सरकार ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को बहुत शानदार कर दिया है. दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में बहुत अच्छा इलाज हो रहा है. पैसे वाले लोग भी दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में जा रहे हैं. मेरी सभी से अपील है कि आप लोग सिर्फ प्राइवेट अस्पतालों की तरफ मत दौड़िए. सरकारी अस्पतालों में जाएंगे तो जहां भी अच्छा इलाज मिलेगा. आप सरकारी अस्पताल में भी जा सकते हैं. अगर एप दिखाता है कि सरकारी अस्पताल में बेड खाली है, तो आप सरकारी अस्पताल में जाइए, लेकिन अस्पताल में तभी जाइए, जब आपको जरूरत हो. अगर सभी लोग अस्पताल की तरफ भागने लगे, तो अस्पताल कम पड़ जाएंगे. अस्पताल में बेड, आईसीयू और वेंटीलेटर कम पड़ जाएंगे. अगर आपको अस्पताल की जरूरत है, तभी अस्पताल में जाइए. वरना होम आइसोलेशन में रहिए.

अस्पताल के बेड केवल गंभीर मरीजों के लिए रहने दीजिए. अगर आपको साधारण लक्षण हैं और अगर आप अस्पताल चले गए, तो आपने एक बेड को घेर लिया, जबकि आप का इलाज घर पर ही इलाज हो सकता है और अगर कोई गंभीर मरीज आता है, तो उसको बेड नहीं मिलेगा, उसे इंतजार करना पड़ेगा और गंभीर मरीज की मौत हो सकती है. जबकि उसको बेड की जरूरत है. मेरा अनुरोध कि हल्के लक्षण होने पर आप घर के अंदर होम आइसोलेशन कीजिए. हमारी टीम आपके पास आएगी और सारा गाइड लाइन बताएगी, आपको आॅक्सीमीटर देगी और बताएगी कि कैसे होम आइसोलेशन करना है. हम आपके संपर्क में रहेंगे. दिल्ली में दुनिया का सबसे बेहतर होम आइसोलेशन का प्रोग्राम चल रहा है, उसका आप फायदा उठाइए. इस समय अस्पताल प्रबंधन बहुत जरूरी है. दुनिया भर में हमने देखा है कि किस तरह से अस्पताल कम पड़ जाते हैं. यह बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है कि अगर अस्पताल कम पड़ गए, तो बहुत बड़ी दिक्कत हो जाएगी.

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