सरकार समर्थित आतंकवाद से अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव बढ़ता है : भारत

जेनेवा . जेनेवा में भारत ने कहा है कि किसी खास समुदाय को निशाना बनाकर राज्य प्रायोजित आतंकवाद से अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव बढ़ता है और वे हाशिये पर जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं. भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों और एजेंसियों से किसी भी आधार पर आतंकवाद को उचित ठहराने का मौका नहीं दिए जाने का आह्वान किया है.

  धमकी के बाद ताजमहल में सर्च, नहीं मिला बम

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने कहा, आतंकवाद का कहर हमारे समाज में भेदभाव का बड़ा कारण बना है. नस्लवाद, किसी धर्म के खिलाफ नफरत की भावना और भेदभाव खत्म करने’’ के लिए आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि भारत सभी देशों से ऐसे आतंकी कृत्यों पर लगाम लगाने का आह्वान करता है. भारत सदस्य राष्ट्रों तथा संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों से भी किसी भी आधार पर आतंकवाद को उचित ठहराने का मौका नहीं देने का आह्वान करता है.

  ई-नीलामी से ऑक्शन की जा रही शराब की दुकानें

तिरुमूर्ति ने कहा कि आज के समय सारी दुनिया आपस में जुड़ी हुई है और नया मीडिया (Media) खासकर सोशल मीडिया (Media) नस्लीय घृणा और भेदभाव वाली विचारधारा के प्रसार का नया माध्यम बना है. उन्होंने कहा, ‘‘सामाजिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए हमें पूरी शक्ति से इन समस्याओं से निपटने की जरूरत है. संयुक्त राष्ट्र को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि सीमित स्थान पर नस्लवाद और भेदभाव को रोकने के लिए अभियान ना चलाया जाए बल्कि जो भी इससे प्रभावित हैं, उनके समाधान के लिए काम करना चाहिए.’’

Please share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *