नगर निगम नहीं बल्कि नरक निगम है – गौरव नागदा

उदयपुर (Udaipur). बलीचा स्थित नगर निगम के डंपिंग यार्ड में गोवंश मरने के लिए छोड़कर जो दुर्दशा की है उससे उदयपुर (Udaipur) की जनता में काफी आक्रोश व्याप्त है. नगर निगम के लिए यह कोई नई बात नहीं है क्योंकि नगर निगम का पुराना इतिहास भी इसी तरह का है जहां गोवंश को कभी काइन हाउस (कसाई खाना) में मार दिया जाता रहा है और अब डंपिंग यार्ड में शहर की जनता से दूर गोवंश को जानबूझकर मरने के लिए कचरे के ढेर में प्लास्टिक की थैलियां और कचरा खाने के लिए छोड़ दिया है.

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इसी को लेकर शिव सेना, मेवाड़ संभाग के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और हालातों का जायजा लिया जिसमें उदयपुर (Udaipur) जिलाध्यक्ष सुधीर शर्मा, युवा सेना जिलाध्यक्ष गौरव नागदा और नगर अध्यक्ष दिलीप लक्षकार, कार्यालय प्रमुख गणेश वैष्णव, विधि व महिला जिलाध्यक्ष मंजू सोलंकी एवं अन्य कार्यकर्तागण पहुंचे. जिला अध्यक्ष सुधीर शर्मा ने वहां के हालात देखकर गोवंश के हत्या (Murder) रे नरक निगम की कार्यशैली की बड़ी निंदा की है और इस पर जिम्मेदारों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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युवा सेना जिलाध्यक्ष गौरव नागदा ने कहा कि जिम्मेदारों के विरोध गौ हत्या (Murder) का मुकदमा चलना चाहिए, इन लोगों ने डंपिंग यार्ड में एक तरह से बुच्चड़ खाना में तब्दील कर दिया है. कागजों में और शहर की जनता को गुमराह करते हुए बताते हैं कि हमने गोवंश को चारागाह में छोड़ा है पर सत्य यह है कि इन लोगों ने गोवंश को मौत के मुंह में धकेला है. असल में नरक निगम में बैठे सरकारी कुर्सियों पर अफसर बेशर्म हो चुके हैं. और यहां के जनप्रतिनिधि जो चुनाव के समय गौ माता के नाम पर वोट मांगते हैं उनकी भी आत्मा मर चुकी है. अगर यह व्यवस्था नहीं सुधरी तो शिव सेना,मेवाड़ संभाग एक विशाल जन आंदोलन करेगी.

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