ग्वादर में चीन के सीपीईसी प्रोजेक्ट का बढ़ा विरोध, सैंकड़ों लोगों ने दिया धरना

पेशावर . पाकिस्तान के ग्वादर जिले में चीन की बेल्ट और रोड परियोजना के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. मीडिया (Media) रिपोर्टों के अनुसार ग्वादर पोर्ट की वजह से बनी अनावश्यक चौकियों, पानी और बिजली की भारी कमी व अवैध रूप से मछली पकड़ने कारण लोगों को अपनी आजीविका के खतरे की आशंका है. इन मुद्दों को लेकर सैंकड़ों लोगों ने धरना दिया जिसका नेतृत्व जमात-ए-इस्लामी (जेआई) बलूचिस्तान के प्रांतीय महासचिव मौलाना हिदायत-उर-रहमान ने किया.

मौलाना हिदायत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के खिलाफ क्षेत्र में कई प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं. ग्वादर के अलावा पाकिस्तान के पंजाब (Punjab) प्रांत के जांद शहर में रहने वाले सैकड़ों लोग निर्माणाधीन सीपीईसी रोड पर जमा हो गए और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचए) और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अपने क्षेत्रों में सर्विस रोड का निर्माण नहीं करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया. डॉन ने बताया कि मेगा प्रोजेक्ट के कारण लोग एक-दूसरे से कट गए हैं.

सन 2015 में शुरू की गई 46 अरब डॉलर (Dollar) की सीपीईसी परियोजना घोषणा के बाद से ही विवादों में है. स्थानीय लोग बलूचिस्तान में चीन की बढ़ती भागीदारी का विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों (Protesters) का कहना है कि सीपीईसी परियोजना से बलूचिस्तान के लोगों को लाभ नहीं हुआ है, जबकि अन्य प्रांतों के लोग मेगा परियोजना का लाभ उठा रहे हैं. इस योजना के प्रति विरोध बढ़ता ही जा रहा है. लोग चीन की परियोजनाओं को अतिक्रमणकरण के रूप में देखते हैं, जो इस क्षेत्र से सारी संपत्ति को निचोड़ रहे हैं. कुछ हफ्तों के भीतर बंदरगाह शहर में यह दूसरा ऐसा सामूहिक विरोध है.

अक्टूबर में भी ग्वादर और तुर्बत के हजारों निवासी पीने के पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की अनुपलब्धता और मकरान डिवीजन में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए वहां एकत्र हुए थे. प्रदर्शनकारी क्षेत्र में अनावश्यक सुरक्षा जांच चौकियों को हटाने और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाली नौकाओं को रोकने की मांग कर रहे थे क्योंकि इससे स्थानीय मछुआरों को भारी नुकसान हो रहा था.

बहुत से लोग कहते हैं कि उन्हें अपनी ही भूमि में अजनबियों की तरह महसूस कराया जाता है. उनकी शिकायत है कि सरकार ने चीनी ट्रॉलरों को तट से दूर पानी में मछली पकड़ने के लिए लाइसेंस जारी किया है. बता दें कि सीपीईसी परियोजना अरब सागर पर बलूचिस्तान में पाकिस्तान के दक्षिणी ग्वादर बंदरगाह को चीन के पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र से जोड़ेगी.

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