Thursday , 21 October 2021

सितारा को ब्लैक होल ‎निगलता है तो ‎निकलता है तेज रेडिएशन

ऐरिजोना . जब ब्लैक होल किसी सितारे को खाता है तो एक टीडाल ‎डिसरुप्शन इवेंट होता है. इसमें सितारा पूरी तरह बिखरने लगता है और इतना तेज रेडिएशन निकलता है कि उस गैलेक्सी के सभी सितारों की चमक भी उसके आगे महीनों तक फीकी पड़ जाए. एक पेपर में ऐस्ट्रॉनमर्स की एक टीम ने इसका जवाब दिया है. यूनिवर्सिटी ऑफ ऐरिजोना की स्टीवर्ड ऑब्जर्वेटरी में पोस्टडॉक्टोरल रिसर्च असोसिएट सिशियांग वेन ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस बारे में स्टडी की है. उन्होंने J2150 नाम के टाइडल ‎डिसरुपशन इवेंट से निकलने वाली एक्स-रे की मदद से ब्लैक होल के द्रव्यमान और स्पिन के बारे में पता लगाया. यह एक मध्यम द्रव्यमान वाला ब्लैक होल था जिसे ऑब्जर्व करना बहुत दुर्लभ रहा है. पेपर पर काम करने वाली ऐन जब्लूडॉफ ने पीएचवाय.ओआरजी को बताया है कि सितारे को खाते वक्त इस ब्लैक हल को स्टडी करने से ऐसा मौका मिला जो शायद ही दिखता. इससे निकलने वाली चमक की मदद से ब्लैक होल की इस कैटिगरी के बारे में समझने का मौका मिला जो शायद गैलेक्सीज के केंद्र में बड़ी संख्या में हो सकते हैं. इस ब्लैक होल का द्रव्यमान हमारे सूरज की तुलना में 10 हजार गुना (guna) ज्यादा होगा.

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वेन ने बताया है कि मरते सितारे से निकले मलबे से बनी अंदरूनी डिस्क से निकले एक्स-रे उत्सर्जन की मदद से द्रव्यमान और स्पिन का पता लगाना आसान कर दिया. इससे यह साफ हुआ कि यह इंटरमेडीएट ब्लैक होल है. इस तरह के ब्लैक होल्स क ऑब्जर्व करना मुश्किल रहा है लेकिन माना जाता है कि महाविशाल ब्लैक होल शायद इनसे ही बनते होंगे. एसएमबीएच कैसे बनते हैं, यह भी एक गुत्थी ही है. इसलिए इंटरमीडियट ब्लैक होल के बारे में जानना और ज्यादा अहम हो जाता है. जे2150 की स्पिन को ऑब्जर्व करने से यह समझा जा सकेगा कि ब्लैक होल बढ़ते कैसे हैं और पार्टिकल फिजिक्स के भी नए रहस्य सामने आ सकते हैं. माना जाता है कि ब्रह्मांड में ज्यादातर डार्क मैटर ही है जिसे आज तक ऑब्जर्व नहीं किया गया है.

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माना जा रहा है कि अगर यह साबित हो गया कि ज्यादातर गैलेक्सीज में इंटरमेडीएट मॉस ब्लैक होल होते हैं तो इससे स्टेलर टाइडल ‎डिसरुपशन की दर पर असर समझ आ सकता है. रिसर्चर्स का कहना है कि स्पिन से यह पता चला है कि यह ब्लैक होल ऐसे ही बना और बढ़ा नहीं है. हो सता है कि दो ऐसे ही ब्लैक होल से मिलकर बना हो. इसके अलावा डार्क मैटर के बारे में भी स्पिन से पता चल सकता है.

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