कोरोना काल में 9 और 6 साल के भाई-बहन ने लिख डाली पूरी रामायण

जालोर . कोरोना काल में जालोर के भाई-बहन ने पूरी रामायण ही लिख डाली. इस कार्य में दोनों को करीब 8 माह का समय लगा. इन दोनों भाई-बहन को रामायण के सभी भाग कंठस्थ याद भी हैं. 9 वर्षीय माधव और उसकी 6 साल की बहन अर्चना के मन में कोराना काल के दौरान दूरदर्शन पर प्रसारित रामायण देखकर इसे कागज पर उतारने का विचार आया. उसके बाद दोनों भाई-बहनों ने पेन और पेंसिल से यह कार्य शुरू कर दिया.

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माधव चौथी और अर्चना तीसरी कक्षा में पढ़ती है. रामायण लिखने के लिए उन्होंने 20 कॉपियां काम में लीं. करीब 2100 से कुछ अधिक पेज में यह काम पूरा किया. ये दोनों आदर्श विद्या मंदिर जालोर के विद्यार्थी हैं. खास बात यह है कि दोनों को रामायण के किसी भी भाग के बारे में कभी भी पूछ लिया जाए तो वे कहीं भी नहीं अटकते.

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रामचरितमानस में 7 कांड हैं. दोनों बच्चों ने अपनी कॉपियों में सभी सातों कांड लिख दिए. माधव ने 14 कॉपियों में बाल कांड, अयोध्या (Ayodhya) कांड, अरण्य कांड और उत्तर कांड लिखा. अर्चना ने 6 कॉपियों में किष्किंधा कांड, सुंदरकांड और लंका कांड का लेखन किया. माधव ने बताया कि कोरोना काल में पहले परिवार के साथ और बाद में दोनों भाई बहन ने मास पारायण और नवाह पारायण में रामचरितमानस का कुल 3 बार पठन किया.

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इसी दौरान पिताजी के प्रोत्साहन से दोनों ने रामायण लिखने की शुरुआत की. आदर्श विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक सत्यजीत चक्रवर्ती बताते हैं कि इससे बच्चों का संस्कृति और इतिहास से जुड़ाव होता है. वहीं लेखन में सुधार और पढ़ने-लिखने का प्रभाव भी बच्चों पर पड़ता है.

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