Wednesday , 14 April 2021

सुपरकम्‍प्‍यूटिंग में अग्रणी मार्ग दर्शक के रूप में उभर रहा भारत

नई दिल्ली (New Delhi) . भारत राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग मिशन (एएसएम) के साथ उच्च शक्ति कंप्यूटिंग में एक अग्रणी मार्ग दर्शक के रूप में तेजी से उभर रहा है, जो इसेशिक्षा या शोध के क्षेत्र, शोधकर्ताओं, एमएसएमईकी बढ़ती कम्प्यूटेशनल मांगों को पूरा करने और तेल की खोज, बाढ़ की भविष्यवाणी और जीनोमिक्स और मादक पदार्थों की बरामदगी जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअपके लिए प्रोत्‍साहित रहा है.

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कम्प्यूटिंग बुनियादी ढांचे को पहले से ही चार प्रमुख संस्थानों में स्थापित किया जा चुका है और 9 और संस्थानों में तेजी से स्‍थापित करने का कार्य प्रगति पर है. सितंबर 2021 में एनएसएमके दूसरे चरण केपूरा होने के साथ ही देश की कंप्यूटिंग शक्ति 16 पेटाफ्लॉप्स (पीएफ) हो जाएगी. भारत में जमाव और विनिर्माण के साथ सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए भारत के कुल 14 प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं.

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इनमें आईआईटी, एनआईटी, राष्‍ट्रीय प्रयोगशालाएं और आईआईएसईआरशामिल हैं. एएसएम के पहले चरण में नियोजित बुनियादी ढांचे को पहले ही स्‍थापित किया जा चुका है और जल्द ही इसका दूसरा चरण शुरू हो जाएगा. इस वर्ष शुरू किया गया चरणI, कंप्यूटिंग गति को लगभग 45 पेटाफ्लॉप तक ले जाएगा. इसमें राष्ट्रीय सुविधा के रूप में प्रत्येक 3 पीएफ की तीन प्रणालियां और 20पीएफकी एक प्रणाली शामिल होगी.

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