भारत ने करोड़ों की संख्या में वैक्सीन करीब 70 देशों को दी : एस. जयशंकर


नई दिल्ली (New Delhi) . मोदी सरकार में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 46वें सत्र में भारत द्वारा किए जा रहे कई कार्यों की चर्चा की है. उन्होंने कोरोना महामारी (Epidemic) का जिक्र करते हुए कहा है कि दुनिया के देशों को वैक्सीन मुहैया कराने के लिए भारत संकल्पबद्ध है.

इसकारण बांग्लादेश से ब्राजील तक और मोरक्को से फिजी तक दुनिया की फार्मेसी कहे जाने वाले भारत ने करोड़ों की संख्या में वैक्सीन करीब 70 देशों को दी है. उन्होंने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सदस्य के तौर पर साथी देशों के साथ काम करने और आम सहमति बनाने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. मानवाधिकार उल्लंघन के मामले को निष्पक्ष तरीके से देखा जाना चाहिए. इन मामलों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक-दूसरे के आंतरिक मसलों का सम्मान भी किया जाना चाहिए.

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उन्होंने कहा कि दुनिया में मानवाधिकारों के सामने कई तरह चुनौतियां हैं. इनमें आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती है. लंबे समय से चला आ रहा आतंकवाद हो या फिर अन्य वैश्निक अन्याय के विषय हो, कोरोना महामारी (Epidemic) ने मानवाधिकारों की रक्षा की राह में और चुनौतीपूर्ण स्थितियां पैदा की हैं. उन्होंने कहा कि मानवाधिकार परिषद के प्रति हमारा दृष्टिकोण बातचीत और सलाह की आत्मा वाला है.

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मानवाधिकार की रक्षा के लिए सभी की तरफ से कोशिश की जानी चाहिए. इसके लिए बातचीत, सलाह और सहयोग अहम तरीके हैं. जयशंकर ने कहा है कि भारत के संविधान में मानवाधिकारों को मूलभूत अधिकारों के तौर पर जगह दी गई है. साथ ही नागरिक और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा की गारंटी प्रदान की गई है. इसके अलावा सामाजिक-सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा की बात भी समाहित है.

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