Wednesday , 15 August 2018
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शानदार रहा है सोमनाथ चटर्जी का राजनीतिक कैरियर

उन्होंने बतौर लोकसभा अध्यक्ष कहा था- “विश्वासमत के दौरान मैं किसी भी राजनीतिक पार्टी से ऊपर हूं”

कोलकाता, 13 अगस्त (उदयपुर किरण). लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी माकपा के प्रमुख नेताओं में से थे. वर्ष 2004 में सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुने गए थे. कांग्रेस-नीत यूपीए सरकार के विश्वासमत के दौरान 22 जुलाई 2008 को उन्होंने कहा था कि लोकसभा का अध्यक्ष होने के नाते वे अब किसी भी पार्टी से ऊपर हैं. वे ना तो माकपा और ना ही किसी अन्य पार्टियों के पक्ष में कुछ भी करेंगे.

असम के बंगाली परिवार में हुआ था जन्म

चटर्जी का जन्म 25 जुलाई 1929 को बंगाली ब्राह्मण निर्मल चंद्र चटर्जी और वीणापाणि देवी के घर में असम के तेजपुर में हुआ था. उनके पिता एक प्रतिष्ठीत वकील और राष्ट्रवादी हिंदू जागृति के समर्थक थे. उनके पिता अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थापकों में से एक थे, लेकिन सोमनाथ की विचारधारा हमेशा वामपंथी बनी रही. उनकी शिक्षा-दीक्षा कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) और ब्रिटेन में हुई. उन्होंने कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में भी पढ़ाई की. उन्होंने ब्रिटेन में मिडिल टैंपल से लॉ की पढ़ाई करने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की. इसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया. उनकी ख्याति एक प्रखर वक्ता के रूप में भी रही है.

अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत सोमनाथ ने माकपा के साथ 1968 में की और वह 2008 तक इस पार्टी से जुड़े रहे. 1971 में वह पहली बार सांसद चुने गए. इसके बाद उन्होंने राजनीति में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह 10 बार लोकसभा सदस्य के रूप में चुने गए थे. उनकी धर्मपत्नी रेणु चटर्जी थीं जिनसे उन्हें एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं. उनकी पत्नी का कुछ दिन पहले ही निधन हो गया. वर्ष 1971 से 2009 तक उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया. साल 2004 में 14वीं लोकसभा में वे 10वीं बार निर्वाचित हुए. साल 1989 से 2004 तक वे लोकसभा में माकपा के नेता रहे. उन्होंने लगभग 35 सालों तक एक सांसद के रूप में देश की सेवा की. उन्हें साल 1996 में उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया.

एेतिहासिक रहा लोकसभा अध्यक्ष पद का कार्यकाल

चार जून 2004 को 14वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में सोमनाथ का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया. लोकसभा अध्यक्ष पद के चुनाव में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनके नाम का अनुमोदन किया था. लोकसभा में 17 अन्य दलों के सदस्यों ने भी सोमनाथ के नाम का प्रस्ताव किया था. इसके बाद वह निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए. उन्होंने प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति पद पर निर्वाचन से पहले कहा था कि देश को सबसे योग्य राष्ट्रपति मिलने जा रहा है.

राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के अध्यक्ष भी रहे

सितंबर 2006 में सोमनाथ चटर्जी को अबुजा, नाइजीरिया में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) का अध्यक्ष चुना गया. उनके नेतृत्व तथा समर्थ दिशानिर्देश में भारत ने सितम्बर 2007 के दौरान नई दिल्ली में 53वें सीपीए सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की जिसमें 52 देशों को विविध क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों से अवगत कराया गया.

लोकसभा अध्यक्ष रहते शुरू कराया लोकसभा टीवी

लोकसभा अध्यक्ष के रूप में व्यापक मीडिया कवरेज प्रदान करने के लिए चटर्जी के प्रयासों से ही 24 जुलाई 2006 से 24 घंटे का लोकसभा टेलीविजन शुरू किया गया. बतौर लोकसभा अध्यक्ष उनकी पहल पर ही भारत की लोकतांत्रिक विरासत पर अत्याधुनिक संसदीय संग्रहालय की स्थापना की गई. 14 अगस्त 2006 को इस संग्रहालय का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति ने किया.

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