चीनी उप विदेश मंत्री से मिले भारतीय राजदूत

नई दिल्ली (New Delhi) . चीन में नियुक्त भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने चीनी उप विदेश मंत्री लुओ झाओहुई से मुलाकात की. उन्होंने पूर्वी लद्दाख के शेष हिस्सों से दोनों देशों के सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इससे सीमा पर शांति एवं स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति के लिए अनुकूल माहौल भी बनेगा. दोनों देशों के सैनिकों और सैन्य साजो सामान को पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी एवं दक्षिणी तटों से हटाया जाना पूरा होने के कुछ दिनों बाद उनकी यह मुलाकात हुई है.

  राजधानी भोपाल में लगा 19 अप्रैल तक लॉकडाउन

गौरतलब है कि दोनों देशों की सेनाओं ने पूर्वी लद्दाख में कई महीने तक जारी गतिरोध के बाद उत्तरी और दक्षिणी पैंगोंग क्षेत्र से अपने अपने सैनिकों एवं हथियारों को पीछे हटा लिया था. हालांकि कुछ मुद्दे अभी बने हुए हैं. समझा जाता है कि बातचीत के दौरान भारत ने गोगरा, हाट स्प्रिंग, देपसांग जैसे क्षेत्रों से भी तेजी से पीछे हटने पर जोर दिया था. विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पिछले सप्ताह करीब 75 मिनट तक टेलीफोन पर बात की थी.

  1 लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदेगी प्रदेश सरकार

जयशंकर ने वांग से कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिये सीमा पर शांति एवं स्थिरता जरूरी है. दोनों नेताओं ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा और भारत चीन संबंधों के सम्पूर्ण आयामों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. भारत और चीन की सेनाओं के बीच पिछले साल 2020 में 5 मई को सीमा पर गतिरोध शुरू हुआ था. दोनों देशों के बीच पैंगोंग झील वाले इलाके में हिंसक झड़प हुई और इसके बाद दोनों देशों ने कई स्थानों पर साजो-सामान के साथ हजारों सैनिकों की तैनाती कर दी. इसके बाद पिछले चार दशकों में सबसे बड़े टकराव में 15 जून को गलवान घाटी में झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे. झड़प के करीब आठ महीने बाद चीन ने स्वीकार किया कि उसके भी चार सैन्यकर्मी मारे गए थे.

Rajasthan news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *