भारतीय और अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष स्टेशन में एक छोटे जीव की खोज की

वॉशिंगटन . अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के साथ मिलकर काम करने वाले भारतीय और अमेरिकी वैज्ञानिकों की टीम ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में एक छोटे जीव की खोज की है. यह जीव कोई और नहीं, बल्कि वहां विभिन्न सतहों पर रहने वाले बैक्टीरिया हैं, जिनके चार नए स्ट्रेन की खोज की गई है. इस बैक्टीरिया के तीन नए स्ट्रेन से आजतक दुनिया अनजान थी. धरती से हजारों किलोमीटर दूर इस आइसोलेटेड स्थान पर बैक्टीरिया के चार नए स्ट्रेन के मिलने से वैज्ञानिक भी हैरान हैं.

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पहली बार इन रोगाणुओं की पहचान 2015 और 2016 में की गई थी. इनमें से एक अंतराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन रिसर्च स्टेशन के ओवरहेड पैनल पर मिला था. दूसरे की खोज आईएसएस के सबसे ऊपर की उभार वाली संरचना, ऑब्जरवेशन और वर्क एरिया में की गई थी. इसकी तीसरे स्ट्रेन की खोज स्पेस स्टेशन में खाने की मेज पर किया गया था. जबकि, इसका चौथा स्ट्रेन पुराने HEPA एयर फिल्टर में मिला था.

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बताया गया है कि इस बैक्टीरिया के सभी चार स्ट्रेन मिट्टी और मीठे पानी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया के परिवार से संबंधित हैं. ये जीवाणु नाइट्रोजन निर्धारण और पौधे के विकास में शामिल हैं और पौधे के बीमारियों को पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं. विशेष रूप से अगर आप चीजों को बढ़ा रहे हैं, तो ये जीवाणु मदद कर सकते हैं.

अब वैज्ञानिक आश्चर्य में हैं कि मिट्टी के ये जीवाणु अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर क्या कर रहे हैं. यहां रहने वाले वैज्ञानिक भोजन की काफी कम मात्रा को खाकर अपना गुजारा करते हैं. ऐसे में यह रहस्य की बात है कि ये पौधे में रहने वाले जीवाणु आखिर यहां आए कैसे? और अगर आ गए तो ये जिंदा कैसे हैं. वैज्ञानिकों ने जेनेटिकली सिक्वेंस से पता लगाया है कि उनमें से तीन एक अज्ञात बैक्टीरिया की प्रजातियों से संबंधित हैं.

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