रसातल में पहुंची भारत की अर्थव्यवस्था


नई दिल्ली (New Delhi).कोरोनावायरस महामारी (Epidemic) के चलते लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण जनवरी-मार्च तिमाही में देश की विकास दर अर्थात सकल घरेलू उत्पाद की दर गिरकर 3.1 फीसदी हो गई है.

जीडीपी की आधिकारिक दर देश में जारी लॉकडाउन (Lockdown) के तीसरे महीने में प्रवेश करने के कुछ दिन बाद ही आई है. कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश में 25 मार्च से ही लॉकडाउन (Lockdown) लागू है. लॉकडाउन (Lockdown) ने पहले से ही मंद हो रही अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचाया और कई उद्यमियों को अपने ऑपरेशन में कटौती करनी पड़ी है जिससे हजारों की संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं.

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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार (Friday) को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. वृद्धि दर के आंकड़ों पर कोविड-19 (Kovid-19) संकट का प्रभाव भी पड़ा है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत रही थी. बीते पूरे वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत पर आ गई है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 6.1 प्रतिशत रही थी. कोविड-19 (Kovid-19) पर काबू के लिए सरकार (Government) ने 25 मार्च को लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा की थी. लेकिन जनवरी-मार्च के दौरान दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां सुस्त रहीं, जिसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा.

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