जिंक फुटबाल जैसी पहल राजस्थान और भारतीय फुटबाल को ऊपर ले जाएगा

 

उदयपुर (Udaipur). राजस्थान (Rajasthan)सरकार में खेल एवं युवा मामलों के राज्य मंत्री अशोक चंदना ने रविवार (Sunday) को उदयपुर (Udaipur) के जावर स्थित जिंक फुटबाल अकादमी का दौरा किया. इस दौरान मंत्री ने हिंदुस्तान जिंक की पहल जिंक फुटबाल के युवा फुटबालरों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन में हिस्सा लिया औऱ यहां मौजूद विश्वस्तरीय सुविधाओं को देखकर काफी खुश हुए. अकादमी का दौरा करने के बाद चांदना ने कहा कि इस तरह की पहल भविष्य में राजस्थान (Rajasthan)तथा भारतीय फुटबाल को नई उंचाइयों पर ले जाएगी. जावर के अपने दौरे में मंत्री ने जिंक फुटबाल अकादमी में मौजूद सुविधाओं का अवलोकन किया और टीम के साथ लाइवली डिस्कशन में हिस्सा भी लिया. मंत्री ने फुटबाल खेल कर युवा खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाया. इसके साथ ही इस पहल पर अपने महत्वपूर्ण विचार और फीडबैक साझा किए.

गौरतलब है कि उदयपुर (Udaipur) के जावर में स्थित जिंक फुटबॉल अकादमी राजस्थान (Rajasthan)में फुटबॉल क्रांति की शुरुआत करने के लिए वेदांत हिंदुस्तान जिंक की ऐतिहासिक पहल है. यह अपनी तरह का पहला ऐसा जमीनी स्तर का विकास कार्यक्रम है जिसमें तकनीक और डेटा विश्लेषण के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है. इस अकादमी में युवा लडक़ों और लड़कियों को फुटबॉल के माध्यम से सामाजिक और सामुदायिक विकास करने व खुद को अभिव्यक्त करने का प्रशिक्षण दिया जाता है. राजस्थान (Rajasthan)के खेल मंत्री अशोक चांदना ने जिंक फुटबाल के अपने दौरे के दौरान कहा कि जिंक फुटबाल जैसी पहल राजस्थान (Rajasthan)और भारतीय फुटबाल को ऊपर ले जाएगा. यहां मौजूद स्टेट-आफ-आर्ट सुविधाएं देखकर मुझे प्रसन्नता हो रही है. मुझे यकीन है कि इस तरह की पहल से न सिर्फ समुदायों को फायदा होगा बल्कि इसके राजस्थान (Rajasthan)और भारतीय फुटबाल को आने वाले समय में काफी फायदा होने वाला है.

युवा खिलाडिय़ो से बातचीत करते हुए चांदना ने कहा कि जिंक फुटबॉल अकादमी में यूथ को सोसायटी की असेट बनाया जा रहा है. यह जगह बहुत ही सुंदर है. इसे बहुत ही प्यार और मोटिव के साथ बनाया गया है. मैं पूरी टीम को बधाई देता हूं. इस एकेडमी के बच्चे राजस्थान (Rajasthan)का नाम रोशन करेंगे. यहां ट्रेनिंग पा रहे सभी बच्चे बहुत ही मोटीवेटेड हैं, वो जीवन में बहुत बड़ा लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. मैंने यहां आकर देखा कि कि आस-पास के गांवों के छोटे बच्चे भी बहुत ही शानदार तरीके से यहां पर ट्रेनिंग पा रहे हैं. यूथ में बहुत ऊर्जा व कुछ कर गुजरने का जज्बा होता है. अगर उन्हें रोजगार व खेलों में लगा दिया जाए तो हमारी सोसायटी में क्राइम और नशाखोरी खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि हमारे जमाने में पेरेंट्स कहते थे कि ‘खेलोगे तो खराब हो जाओगे, पढ़ोगे तो तहसीलदार वगैरह बन जाओगे.’ लेकिन अभी स्पोट्र्स के लिए बहुत ही अच्छी अपोच्र्यूनिटीज हैं, कॉरपोरेट का इसमें इन्वेस्टमेंट भी बहुत अच्छा है.

मेरा मानना है कि स्पोट्र्समैन और उसकी स्पोट्समैन स्पिरिट नेचुरल होता है. ये जोश अंदर से आता है और उसको ट्रेनिंग लेने से कोई नहीं रोक सकता. चांदना ने युवाओं को ट्रेनिंग, ड्रिल्स, स्पीड, स्टेंथ आदि के मंत्र देते हुए कहा कि हमेशा अपने लक्ष्य पर फोकस रखो. तुम्हें सपना देखना होगा, सपना वो होता है जो आपको सोने नहीं देता. जब तक आप ऐसा कोई सपना नहीं देखोगे जो आपको सोने नहीं देगा, तब तक आपको मोटीवेशन नहीं मिल सकता. आपका सपना और लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए. ये हमेशा याद रखना कि वन स्टेप बेकवर्ड इज टू स्टेप अवे फ्रॉम योर गोल. कोई ऐसा दूसरा काम मत करो जो तुम्हें तुम्हारे लक्ष्य के रास्ते से भटकाता हो. गलत रास्ते पर जाआगे तो प्रयास व्यर्थ चले जाएंगे. लाइन में बने रहो, बड़ा सपना देखा, लक्ष्य पर निगाहें रखो. किसी भी चीज को डायवर्ट मत करने दो.

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