आइएएस को कथित धमकी मिलने के मामले की जांच शुरू

भोपाल (Bhopal) . भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी लोकेश जांगीड़ को कथित तौर पर धमकी देने के मामले की पुलिस (Police) ने जांच प्रारंभ कर दी है. भोपाल (Bhopal) के पुलिस (Police) उप महानिरीक्षक (डीआईजी) इरशाद वली के अनुसार उन्हें राज्य के पुलिस (Police) महानिदेशक (डीजीपी) से इस संबंध में कल जांच के लिए कहा गया है और इसकी जांच प्रारंभ कर दी गयी है.

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उन्होंने कहा कि अब तक इस संबंध में कोई ठोस सबूत जैसे स्क्रीनशॉट आदि नहीं मिले हैं, इसलिए प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है, लेकिन प्रमाण जुटाने के लिए जांच की जा रही है. यहां शिक्षा विभाग में पदस्थ वर्ष 2014 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश जांगीड़ को हाल ही में बड़वानी जिले से भोपाल (Bhopal) में स्थानांतरित किया गया है.

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लगभग साढ़े चार वर्ष की नौकरी के दौरान नौ तबादले देख चुके जांगीड़ ने कल कथित तौर पर डीजीपी को एक पत्र ईमेल के जरिए भेजा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें अज्ञात व्यक्ति ने सिग्नल एप के जरिए 17 जून की रात्रि में फोन करके धमकी दी. इसलिए उन्हें सुरक्षा मुहैया करायी जाए. यह पत्र सोशल मीडिया (Media) में भी वायरल हुआ है.

डीआईजी के अनुसार डीजीपी की तरफ से पत्र मिलने के बाद वे स्वयं भी जांच में शामिल हुए. इस दौरान पाया गया कि इस संबंध में ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं. फिर भी हमने सिग्नल के सर्विस प्रोवाइडर को ईमेल के जरिए पत्र भेजकर फोन करने आदि के संबंध में ब्यौरा मांगा है.

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इसके अलावा शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन की भी फारेंसिंक जांच करायी जा सकती है, जिससे कॉल के संबंध में यदि कोई प्रमाण हैं, तो मिल सकें. उन्होंने कहा कि दरअसल शिकायतकर्ता ने सिग्नल एप अनस्टाल कर दिया है. स्क्रीन शॉट और कोई अन्य भौतिक साक्ष्य नहीं हैं. अब पुलिस (Police) प्रमाण जुटाने का प्रयास कर रही है.

आईएएस अधिकारी जांगीड़ हाल ही में उस समय चर्चा में आए जब आईएएस अधिकारियों के ग्रुप की बातचीत के स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया (Media) में वायरल हुए, जिसमें जांगीड़ और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्तालाप का जिक्र है. हालाकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वायरल किसने किया. बातचीत में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों पर भी आरोप लगाए हैं.

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इसी बीच जांगीड़ ने एक पत्र मुख्य सचिव के माध्यम से केंद्र सरकार (Central Government)के कार्मिक मंत्रालय को भेजा है, जिसमें उन्होंने पारिवारिक कारणों के चलते उन्हें उनके गृह राज्य महाराष्ट्र (Maharashtra) कैडर आवंटित करने का आग्रह किया है. वर्तमान में वे मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) कैडर के अधिकारी हैं.

यह पत्र भी सोशल मीडिया (Media) में वायरल हो रहा है. चैट वायरल होने और कैडर परिवर्तन का पत्र लिखने के बाद धमकी संबंधी पत्र सामने के चलते यह मामला तूल पकड़ता हुआ नजर आ रहा है.



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