Saturday , 23 October 2021

वाहन पॉलिसी खरीदते समय जरूरी शर्तों और नियमों को जानना बेहद जरूरी

नई दिल्ली (New Delhi) . अगर आप भी वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं या या खरीद चुके हैं तो उसके लिए वाहन बीमा पॉलिसी लेना जरूरी है. ले‎किन वाहन बीमा पॉलिसी खरीदते समय कई बार क्लेम खारिज हो जाता है. इस‎लिए पॉलिसी खरीदते समय जरूरी शर्तों और नियमों को जानना बेहद जरूरी है. पॉलिसी की शर्तों की जानकारी नहीं होने पर कई बार गलती हो जाती है और इंश्योरेंस कंपनियां आपके क्लेम को खारिज कर सकती हैं. मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कमर्शियल गाड़ियों के लिए बीमा कवर और कानून अलग होते हैं. ऐसे में, अगर आप अपनी निजी कार का कमर्शियल इस्तेमाल करते हैं तो दुर्घटना की स्थिति में बीमा कंपनियां आपके क्लेम को खारिज कर सकती हैं. अगर आपने अपनी कार में पॉलिसी अवधि में मोडीफिकेशन किया है या उसमें एक्सेसरीज लगवाया है तो पॉलिसी रिन्यू कराते समय बीमाकर्ता को इसकी जानकारी जरूर दें.ऐसा नहीं करने पर आपको कार बीमा का लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि बीमा कंपनी इसका निरीक्षण करने और आवश्यक प्रीमियम वसूलने के बाद ही अतिरिक्त एक्सेसरीज को नई पॉलिसी में शामिल करती है. बीमा पॉलिसी खरीदते समय लोग पैसे बचाने के लिए कार से जुड़ीं महत्वपूर्ण जानकारियां छुपा लेते हैं. या कई लोग फर्जी क्लेम भी करते हैं. ज्यादातर मामलों में इन दोनों वजहों से ही क्लेम खारिज होता है. फर्जी क्लेम की जानकारी लगने पर बीमा कंपनी कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है. अगर आपने समय पर प्रीमियम नहीं चुकाया है तो आपकी पॉलिसी अमान्य हो जाती है.

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हालांकि, भारत में अधिकांश कंपनियां 90 दिनों की ग्रेस अवधि देती हैं. इस दौरान पॉलिसी रिन्यू नहीं कराने पर आप कार बीमा से मिलने वाले सभी लाभों को खो देते हैं. ड्राइविंग लाइसेंस के बिना कार चलाना कानूनन जुर्म है. बावजूद इसके आज भी देश में हजारो लोग बिना लाइसेंस के कार चलते हैं. अगर आपकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और यह पाया जाता है कि आप ड्राइविंग लाइसेंस के बिना कार चला रहे थे तो बीमा कंपनी आपके दावे को खारिज कर देगी. गाड़ी की सुरक्षा को देखते हुए ये जरूरी है कि आप गाड़ी को लोकल मैकेनिक से ठीक न कराएं. सुरक्षा को देखते हुए आज के दौर में कंप्यूटराइज्ड एप की मदद से कारें डिजाइन हो रही हैं. इसलिए दुर्घटना या किसी अन्य वजह से कार क्षतिग्रस्त होने पर उसे खुद ठीक न कराएं और न ही लोकल मैकेनिक की मदद लें. ऐसा करने से बीमा कंपनियां आपके क्लेम को खारिज कर सकती हैं.

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