लर्निंग फ्रॉम होम: सैमसंग टैब्स ने प्री-प्राइमरी बच्चों के लिए पढ़ाई बनाई और भी मजेदार

प्री-प्राइमरी बच्चे ऑनलाइन कक्षा में घड़ी, खिड़की और तरबूज बनाकर ‘W’ अक्षर बनाना और पहचानना सीखते हुए

 

किसी भी स्कूल में सबसे ज्यादा खुशी उसके प्री-प्राइमरी विंग को देखकर होती है. ब्लैकबोर्ड पर हाथों से बनी सुंदर, नन्ही तस्वीरें, धीरज के साथ चॉक से लिखतीं और नन्हे बच्चों को उस अक्षर से बनने वाले शब्द सोचने में मदद करतीं शिक्षिका.

 

पिछले वर्ष जब महामारी (Epidemic) ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लिया तो शैक्षिक संस्थानों को तकनीक की मदद लेने की इतनी जरूरत महसूस हुई, जितनी पहले कभी नहीं हुई थी. बेंगलूरु के शिक्षण संस्थान विजय किरण ग्रुप के सामने भी फौरन ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कराने की जरूरत आन पड़ी.

 

ग्रुप के सभी संस्थानों में 3000 से अधिक छात्र (student) और 200 से अधिक शिक्षक हैं. इसलिए उन्हें ऐसे सॉल्यूशन की दरकार थी, जो शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए एकदम अनुकूल हो. लेकिन प्री-प्राइमरी स्तर के छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लास कैसे मुनासिब हो सकती थीं? यहां सैमसंग अपनी एस पेन के साथ सामने आई!

 

गैलेक्सी टैब एस6 अध्यापन और पढ़ाई जारी रखने के लिए एकदम सटीक जरिया साबित हुआ. इसका मकसद पारंपरिक कक्षा से मिलने वाले फायदों को बरकरार रखना ही नहीं था बल्कि उन्हें बढ़ाना भी था.

 

सैमसंग इंडिया में सीनियर डायरेक्टर, एंटरप्राइज सेल्स आकाश सक्सेना ने कहा, “गैलेक्सी टैब एस6 लाइट और एस पेन के साथ सैमसंग ने छात्रों, शिक्षकों और प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में मदद की. इससे शिक्षकों को ज्यादा फायदा मिला और परिणामस्वरूप छात्रों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ गई.”

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सैमसंग टैब एस6 का इस्तेमाल कर ऑनलाइन कक्षा लेतीं शिक्षिका ममता काबरा

एस पेन के साथ कक्षा का अनुभव पहले से बेहतर

पहली बार डिजिटल कक्षा लेते समय शिक्षकों के सामने सबसे पहली चुनौती कलम और कागज के बगैर काम करने की थी. इसकी वजह से अक्सर दोहरी मेहनत हो जाती है क्योंकि शिक्षक आदतन पहले कागज और कलम से नोट्स बनाते हैं और फिर उन्हें टाइप करते हैं.

 

विजय किरण एजूकेशन ट्रस्ट की चीफ ऑपरेटिंग अधिकारी सुनलिनी बेंजामिन ने कहा, “महामारी (Epidemic) ने स्कूलों को सामान्य तौर-तरीकों से दूर कर दिया. छात्रों की पढ़ाई जारी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को अपने आसपास मौजूद सर्वोत्तम संसाधनों के साथ पढ़ाना पड़ा. शिक्षकों की परेशानी कम करने के लिए वीकेजीआई-एनसीएफई ने सैमसंग टैब और एस पेन अपनाए. इससे कर्मचारियों की उत्पादकता और आराम बढ़ गया तथा गुणवत्ता भरी ऑनलाइन शिक्षा चलन में आ गई. संगठन के लिए यह क्रांतिकारी बदलाव था और इस मदद के लिए हम सैमसंग के शुक्रगुजार हैं.”

 

एस पेन ऑनलाइन अध्यापन में कागज और कलम का काम करता है. एस पेन का इस्तेमाल कर शिक्षक सीधे स्क्रीन पर लिख सकते हैं. हाथों की लिखावट पहचानने वाले फीचर की मदद से यह डिजिटल टेक्स्ट में बदल जाता है और शिक्षकों को पहले के मुकाबले आधे वक्त में रोचक गतिविधियों के साथ प्रभावी शिक्षण की योजना तैयार करने में मदद मिलती है. वे पाठ्यपुस्तक की सामग्री में टिप्पणी जोड़कर छात्रों को फीडबैक और सलाह यानी टिप्स भी दे सकते हैं.

 

विजय किरण एजूकेशन ट्रस्ट में नेशनल सेंटर फॉर एक्सलेंस में प्री-प्राइमरी की प्रमुख गौरी कुरपति ने कहा, “सैमसंग टैबलेट ने महामारी (Epidemic) के दौरान हमारी जिंदगी बहुत आसान बना दी. उसके इंटरफेस के कारण शिक्षकों ने बेहद आराम से कक्षा के भीतर अध्यापन के बजाय डिजिटल अध्यापन अपना लिया. टैबलेट्स में काफी स्टोरेज है, जिससे शिक्षक आराम से अपनी शिक्षण सामग्री तैयार और सेव कर सकते हैं.”

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एस पेन सभी आयु वर्गों में डिजिटल अध्यापन को असरदार वनाता है. वह कहती हैं, “डिजिटल अध्यापन के बारे में हमें सबसे ज्यादा खुशी भरी प्रतिक्रिया प्री-प्राइमरी शिक्षकों से मिली. एस पेन का इस्तेमाल कर शिक्षिकाएं स्क्रीन-बोर्ड पर फौरन यानी हाथोहाथ तस्वीर बना सकती हैं. चूंकि नन्हे छात्रों को तस्वीरों के जरिये पढ़ने की आदत होती है, इसलिए यह एकदम सटीक है.”

 

छात्रों को हिंदी का अक्षर ‘श’ बनाना सिखातीं शिक्षिका शिखा बादल

नॉक्स के साथ डिजिटल हुआ शिक्षकों का तालमेल और मेलजोल

पारंपरिक व्यवस्था में शिक्षक अध्यापन की सबसे कारगर रणनीति तैयार करने के लिए काफी समय तक एक साथ काम करते हैं. सैमसंग को ध्यान रहा कि दूर से पढ़ाते समय इस प्रक्रिया में और भी सुधार किया जाना चाहिए.

 

इसके लिए सैमसंग नॉक्स का सहारा लिया गया. सैमसंग नॉक्स कंपनी के स्वामित्व वाली सुरक्षा प्रणाली है, जो सैमसंग के ज्यादातर मोबाइल डिवाइस पर पहले से होती है. यह डिवाइस पर मौजूद डेटा को तिजोरी जैसी सुरक्षा के साथ महफूज रखती है और डिवाइस को दूर से ही अपडेट रखने के लिए उसमें जरूरी टूल्स भी होते हैं.

 

नॉक्स की खूबियों वाले गैलेक्सी टैब एस6 के साथ सभी शिक्षकों ने अपने पाठों के लिए एकसमान बुनियादी ढांचे पर भरोसा किया. नॉक्स कनफिगर ने सुनिश्चित किया कि सभी शिक्षक एप का सबसे नया संस्करण ही इस्तेमाल करें. इससे शिक्षकों के बीच तालमेल बनाना और मिलकर काम करना आसान हो गया.

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एस पेन का इस्तेमाल कर ऑनलाइन कक्षा लेतीं शिक्षिका कनकवल्ली एलएन

छात्रों के साथ बेहतर जुड़ाव के लिए नोटबुक जैसा अनुभव

टैबलेट में ऐसे ताकतवर फीचर हैं, जो किसी दिक्कत के बगैर छात्रों के साथ जुड़ने में मदद करते हैं. गौरी समझाती हैं कि अक्सर कैसे ये कक्षा के अनुभव को बढ़ाते हैं या उससे भी बहुत अच्छा अनुभव देते हैं. वह समझाती हैं, “कक्षा में केवल ग्रीन बोर्ड और चॉक होते हैं. टैबलेट में शिक्षकों को बहुत अधिक रंग मिल जाते हैं. प्राइमरी स्तर के छात्रों के लिए यह फीचर खास तौर पर उपयोगी है क्योंकि उनके विकास में बड़ा योगदान देखकर सीखने का होता है. बच्चों के कहानी की कक्षा में एनिमेशन के कारण और राइम टाइम यानी कविता सीखते समय पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के कारण ज्यादा मजा आता है.”

 

गौरी कुरपति कहती हैं, “सैमसंग टैब एस6 में एक फीचर है, जहां नोटबुक पेज के पैटर्न को पृष्ठभूमि यानी बैकग्राउंड में लिया जा सकता है. यह बहुत काम आया है. चार लाइन वाले पैटर्न पर लिखना सिखाना हो या खानेदार पेज पर गणित पढ़ाना हो. इससे छात्रों को अच्छी तरह से पता चल जाता है कि कैसे साफ लिखना है और खाने के भीतर ही लिखना है.”

 

धीरे-धीरे स्कूल खुलने वाले हैं और कक्षाओं में पढ़ाई फिर चलने वाली है, लेकिन विजय किरण ट्रस्ट का लक्ष्य महामारी (Epidemic) के दौरान सीखे नए कौशल का इस्तेमाल जारी रखना है. सैमसंग इंडिया में हमें गर्व है कि हमने पढ़ाने और सीखने की प्रक्रिया को और भी बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाई.

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