उत्पादकों के लिए घाटे का सौदा बना है प्राकृतिक गैस उत्पादन: इक्रा

नई ‎दिल्ली . भारत में ज्यादातर क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस का उत्पादन अपस्ट्रीम उत्पादकों के लिए घाटे का सौदा बना हुआ है. रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा कि सरकार द्वारा तय गैस के दाम अपने निचले स्तर पर बने हुए हैं और इससे उत्पादन पर नुकसान हो रहा है. एक अप्रैल से छह महीने के लिए घरेलू गैस का मूल्य 1.79 डॉलर (Dollar) प्रति इकाई (एमबीटीयू) तय किया गया है.

  पॉजीटिव होने के बावजूद यात्रा करना पड़ा भारी, इंडिगो सहित 3 के विरूद्ध FIR दर्ज

नया रंगराजन फॉर्मूला लागू होने के बाद यह इसका सबसे निचला स्तर है. इसके अलावा गहरे पानी, अत्यधिक गहरे पानी, उच्च तापमान और उच्च दबाव वाले क्षेत्रों से उत्पादित गैस मूल्य की अधिकतम सीमा अप्रैल-सितंबर, 2021-22 के लिए 3.62 डॉलर (Dollar) प्रति एमएमबीटीयू तय की गई है, जो अक्टूबर-मार्च, 2020-21 के लिए तय मूल्य सीमा 4.06 डॉलर (Dollar) प्रति इकाई से 10.8 प्रतिशत कम है. इक्रा ने कहा कि इससे ऐसी परियोजनाओं का विकास प्रभावित हो रहा है. इक्रा ने इसी सप्ताह सरकार द्वारा अधिसूचित गैस कीमतों पर टिप्पणी में कहा ‎कि यह स्थिति घरेलू उत्पादकों के लिए प्रतिकूल है, लेकिन इससे गैस उपभोक्ताओं को फायदा होगा.

  पॉजीटिव होने के बावजूद यात्रा करना पड़ा भारी, इंडिगो सहित 3 के विरूद्ध FIR दर्ज

रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इतने कम दाम पर भारतीय अपस्ट्रीम उत्पादकों के लिए ज्यादातर क्षेत्रों से गैस उत्पादन घाटे का सौदा बना हुआ है. हालांकि, तेल क्षेत्र सेवाओं या उपकरण की लागत में इस दौरान कुछ कमी आई है. इक्रा ने कहा कि अमेरिकी डॉलर (Dollar) के मुकाबले रुपए में गिरावट से गैस उत्पादकों की प्राप्तियां कुछ बढ़ेंगी, लेकिन इससे कम ही भरपाई हो पाएगी.

Rajasthan news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *