MPUAT प्रबंध मंडल की ऑनलाइन बैठक में लिए प्रमुख निर्णय

उदयपुर (Udaipur). महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल की 53वी बैठक ऑनलाइन मीटिंग द्वारा माननीय कुलपति डॉ नरेंद्र सिंह जी राठौड़ की अध्यक्षता में मंगलवार (Tuesday) को संपन्न हुई. बैठक में प्रबंध मंडल के माननीय सदस्य जयपुर (jaipur) से श्रीमान कुंजी लाल जी मीणा प्रमुख शासन सचिव (कृषि) राजस्थान (Rajasthan) सरकार, उदयपुर (Udaipur) से डॉ. एस.आर. मालू, डॉ. आर. सी. तिवारी, श्रीमती सज्जन कटारा, भीलवाड़ा से श्री जगदीश भंडारी, सलूम्बर से श्री विष्णु पारीक तथा प्रबंध मंडल के अन्य सदस्य डॉ. अभय कुमार मेहता, अनुसंधान निदेशक, डॉ सुबोध शर्मा, अधिष्ठाता, मात्स्यकी महाविद्यालय, वित्त नियंत्रक डॉ संजय सिंह एवं विश्वविद्यालय की कुलसचिव श्रीमती कविता पाठक उपस्थित रहे.

बैठक के प्रारंभ में माननीय कुलपति जी ने सभी सदस्यों का स्वागत किया. बैठक का संचालन करते हुए कुलसचिव श्रीमती पाठक ने विभिन्न एजेंडा बिंदु माननीय सदस्यों के समक्ष रखे. बैठक के प्रारंभ में प्रबंध मंडल सदस्य व अनुसंधान निदेशक डॉ अभय कुमार मेहता ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से लॉक डाउन के दौरान विश्वविद्यालय की विभिन्न अनुसंधान शिक्षण व प्रसार गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस दौरान माननीय कुलपति जी ने समय-समय पर विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों व शिक्षकों को वेबीनार के माध्यम से संबोधित किया. उन्होंने लॉकडाउन (Lockdown) व वैश्विक महामारी (Epidemic) कोविड-19 (Covid-19)  के दौरान सावधानी रखने, धैर्य-आत्मविश्वास बनाए रखने व सरकारी अधिसूचनाओं के पालन की सलाह दी. इस दौरान ऑनलाइन माध्यम से राजभवन तथा राजस्थान (Rajasthan) सरकार (Government) द्वारा विभिन्न बैठकों का आयोजन किया गया. अकादमिक परिषद की बैठक और  बजट कमेटी की बैठकों का सफल आयोजन किया गया. इस दौरान विभिन्न संघटक महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था का सुचारू संचालन किया गया. शिक्षकों ने 519 पाठ्यक्रमों में 9290 ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन कर समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण किया. विभिन्न सरकारी गाइडलाइनों का पालन करते हुए पीएचडी व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के ऑनलाइन थीसिस वाइवा आयोजित किए गए जिससे उन्हें समय पर डिग्री मिल सके. इस दौरान विश्वविद्यालय की फैकल्टी द्वारा 138 ई मैंनुअल व ई शिक्षण सामग्री भी तैयार की गई. इस दौरान विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, कोविड-19 (Covid-19)  पर जागरूकता बढ़ाने हेतु टी शर्ट डिजाइन, ऑनलाइन योगा, तनाव मुक्ति, पर्यावरण दिवस, जैवविविधता दिवस पर आयोजित विभिन्न वेबीनार, ट्रेनिंग, क्विज, निबंध लेखन इत्यादि में भाग लिया.

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अनुसंधान कार्यों का संपादन भी समय पर किया गया, जिसमें रबी व जायद की 216 परीक्षण ट्रायल्स में लगी फसलों की समय पर कटाई व गहाई की गई. इसी प्रकार जायद व खरीफ की विभिन्न फसलों की समय पर बुआई भी संपन्न हुई. डॉ अभय मेहता ने बताया कि विश्वविद्यालय को बायो टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा मुर्गी पालन पर 45.83 लाख, नैनो एग्री इनपुट प्रोडक्शन पर 181 लाख, संरक्षित खेती पर 205 लाख व संचार तकनीकी पर 25.0 लाख की नवीन शोध परियोजनाएं स्वीकृत हुई है. इसके अलावा लगभग 24 अन्य महत्वाकांक्षी परियोजनाएं भी विभिन्न एजेंसियों को स्वीकृति हेतु भेजी गई हैं. डॉक्टर (doctor) मेहता ने बताया कि स्मार्ट विलेज योजना के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार सृजन, नवाचारों के माध्यम से आजीविका संभावनाएॅं, जैविक खेती, कृषि आदान उपलब्धता तथा काॅर्पोरेट सोश्यल रेस्पांसिबिलिटी के अंतर्गत ग्रामीण विकास कार्यों का संपादन किया गया. एमपीयूएटी को इस योजना हेतु राजस्थान (Rajasthan) के 27 राज्य विŸा पोषित विश्वविद्यालयों में सर्वश्रेष्ठ आंका गया. इसके लिए सभी सदस्यांे ने विश्वविद्यालय की भूरि-भूरि प्रसंशा की. एमपीयूएटी से संबद्ध प्रगतिशील किसान श्री जगदीश प्रजापत् को भी हाल ही मे जगजीवन राम राष्ट्रीय अभिनव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. आनलाइन प्रशिक्षणों (24) के साथ-साथ आॅन-केम्पस (22) व आॅफ-केम्पस (71) प्रशिक्षणों के माध्यम से कृषकों, कृषक महिलाओं व युवाओं को आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्यों में प्रशिक्षित किया गया. सभी माननीय सदस्यों ने कुलपति के इन अभिनव प्रयासों पर हार्दिक बधाई दी एवं खुशी भी जाहिर की.

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गुरुवार (Thursday) को आयोजित प्रबंध मंडल की बैठक में मूलतः निम्न बिंदुओं पर चर्चा के बाद निर्णय किए गए –

  1. बैठक में पिछली प्रबंध मंडल की बैठक के निर्णयों के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त कर उन्हें सदन  के पटल पर रखा गया जिसका सभी सदस्यों ने अनुमोदन किया.
  2. विश्वविद्यालय की वर्ष2019 की वार्षिक रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया.
  3. माननीय राजभवन,राजस्थान (Rajasthan) सरकार (Government) द्वारा प्रस्तावित वित्तीय सुधारों के दृष्टिगत एमपीयूएटी एंडोवमेंट फंड (एम ई एफ) के नाम से एक फंड बनाने की सिफारिश की गई. इस फंड में विभिन्न संस्थाओं, व्यक्तिगत दानदाताओं, निजी कंपनियों, फैकल्टी एजेंसियों इत्यादि से फंड जुटाया जाएगा, जिसका उपयोग छात्रों व फैकल्टी के कल्याण, विश्वविद्यालय के आवश्यक खर्चों हेतु उचित दर पर उधार देने, शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण इत्यादि पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाएगा. हालांकि प्रमुख सचिव के आग्रह पर आगामी तीन दिन मे इस मुद्दे पर और सुझाव भी मांगे गये.
  4. विश्वविद्यालय में विगत दिनों की जाने वाली भर्तियों को राज्य सरकार (Government) के नए रोस्टर नियमों के तहत उन्हें नए सिरे से करने के प्रस्ताव का अनुमोदन भी किया गया इसी प्रकार आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण के निर्देशानुसार सीटों में उनके लिए व्यवस्था का नियम अपनाते हुए विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाई गई.
  5. विगत दिनों आयोजित अकादमिक परिषद की विभिन्न अनुसंशाओं का अनुमोदन किया गया,जिसमें प्रमुख मुद्दे इस प्रकार रहे-स्नातकोŸार एवं पी एच डी  के विद्यार्थियों हेतु ऑनलाइन वाइवा  का आयोजन, राज्य सरकार (Government) की अनुशंसा पर आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण देते हुए सभी संकाय की सीटों में 10 प्रतिशत की वृद्धि.  सभी संघटक  महाविद्यालयों एवं संकायो में संयुक्त प्रवेश परीक्षा अथवा प्री-पीजी परीक्षा के माध्यम से ही प्रवेश देने का निर्णय, सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय के संकाय का नाम सामुदायिक विज्ञान संकाय करने, राज्य सरकार (Government) की अनुशंसा पर इस वर्ष किसी भी संकाय में शुल्क वृद्धि ना करने, सामुदायिक एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय में डिजाइनर हेल्थ फूड एवं बेकरी प्रोडक्ट तथा राजस्थान (Rajasthan) कृषि महाविद्यालय में मशरूम उत्पादन पर दो नई अनुभवात्मक प्रशिक्षण इकाई प्रारंभ करने की अनुमति दी गई. इसी प्रकार अकादमिक सत्र 2019-20 से ही डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में बीटेक बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति भी दी गई.
  1. माननीय कुलपति जी की पहल पर विश्वविद्यालय द्वारा रोजगार  परक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने एवं विश्वविद्यालय को अतिरिक्त आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए  विभिन्न संकायो द्वारा प्रस्तावित79 व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति दी गई जिस पर सभी माननीय सदस्यों ने सहमति देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के कौशल एवं दक्षता विकास में मदद मिलेगी साथ ही इस विश्वविद्यालय को अतिरिक्त  आय भी होगी. उन्होंने माननीय कुलपति के इस कदम को अभिनव बताते हुए इसकी प्रशंसा भी की.
  2. प्रबंध मंडल की बैठक में27 जुलाई को आयोजित वित्त समिति की बैठक में अनुमोदित बजट को स्वीकृति देते हुए इसका अनुमोदन किया. एम पी यू ए टी के विŸा नियंत्रक डा. संजय सिंह ने बताया कि वित्त समिति की अनुशंसा पर वर्ष 2019-20 के रुपए 182.94 करोड़ के संशोधित बजट एवं वित्त वर्ष 2020-21 के लिए रुपए 160.44 करोड़ के प्रस्तावित बजट का अनुमोदन किया गया.
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बैठक के अंत में कुलसचिव श्रीमती कविता पाठक ने सभी सम्मानित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया.

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